एशियाड में सपोर्ट स्टाफ पर साई सख्त

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एशियाई खेलों की तैयारियों के बीच एशियाड सपोर्ट स्टाफ को लेकर साई ने सख्ती दिखाई है। भारतीय खेल प्राधिकरण ने 18 खेल संघों से स्पष्टीकरण मांगा है। सवाल कोच, डॉक्टर, मसाजर और अन्य सहयोगी स्टाफ की नियुक्ति से जुड़े हैं।

एशियाई खेलों के लिए 492 सदस्यीय भारतीय दल तय हो चुका है। अब खिलाड़ियों के साथ जाने वाले अधिकारियों और विशेषज्ञों की अंतिम सूची तैयार की जा रही है। इसी प्रक्रिया में कई खेल संघों के प्रस्तावों पर सवाल उठे हैं।

18 खेल संघों से मांगा गया स्पष्टीकरण

एशियाड में भारत के 35 खेल संघ हिस्सा लेने वाले हैं। इनमें 18 संघों से साई ने सपोर्ट स्टाफ के चयन को लेकर जवाब मांगा है।

महिला हॉकी, शूटिंग, कबड्डी, स्क्वैश, रोइंग और कुश्ती से जुड़े प्रस्ताव जांच के दायरे में हैं। इन टीमों के साथ मसाजर नहीं भेजने के कारण भी पूछे गए हैं।

साई का कहना है कि हर खेल में खिलाड़ियों की जरूरत के अनुसार सहयोगी स्टाफ होना चाहिए। इसलिए संघों से प्रस्तावों का आधार स्पष्ट करने को कहा गया है।

कुश्ती में विदेशी कोचों को लेकर उठे सवाल

कुश्ती में तीन विदेशी प्रशिक्षकों की नियुक्ति के बावजूद उन्हें एशियाई खेलों में कोच के रूप में नहीं भेजने पर सवाल उठे हैं।

पुरुष फ्रीस्टाइल टीम के साथ शाको बार्टोनिएट्ज जुड़े हैं। ग्रीको-रोमन वर्ग में गोगी कोगुआशविली जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। महिला पहलवानों के साथ जापानी प्रशिक्षक कोसेई अकाइशी काम कर रहे हैं।

इसके बावजूद महासंघ ने एशियाड के लिए भारतीय प्रशिक्षकों पर भरोसा जताया है। साई ने इस फैसले पर कुश्ती महासंघ से जवाब मांगा है।

विदेशी प्रशिक्षकों के लिए दूसरा विकल्प

साई इन विदेशी प्रशिक्षकों को अतिरिक्त टीम अधिकारी के तौर पर एशियाड भेजने के पक्ष में है। इसके लिए उनके मान्यता कार्ड बनाए जा सकते हैं।

वहीं, कुश्ती महासंघ की अपनी अलग व्यवस्था है। महासंघ के अनुसार बड़े टूर्नामेंटों में मैट के पास भारतीय प्रशिक्षकों को प्राथमिकता देने की परंपरा रही है।

इस मतभेद ने एशियाड सपोर्ट स्टाफ के चयन को लेकर मामला और महत्वपूर्ण बना दिया है।

घुड़सवारी टीम के ग्रूम पर भी सवाल

घुड़सवारी दल में ग्रूम की संख्या को लेकर भी साई ने सवाल उठाए हैं। आठ सदस्यीय टीम के लिए 20 ग्रूम की सूची प्रस्तावित की गई है।

साई ने जय सूद, अर्जन नागरा और आहान कुमार के घोड़ों के ग्रूम के नाम नहीं भेजे जाने पर स्पष्टीकरण मांगा है।

हांगझोऊ एशियाड में 10 घुड़सवारों के साथ 11 ग्रूम भेजे गए थे। कुछ घुड़सवार अतिरिक्त घोड़े भी रखते हैं। ऐसे में ग्रूम की जरूरत खेल की परिस्थिति पर निर्भर करती है।

वेटलिफ्टिंग और सेलिंग भी जांच के दायरे में

पांच सदस्यीय वेटलिफ्टिंग टीम के साथ डॉक्टर भेजने के प्रस्ताव पर भी जवाब मांगा गया है। साई ने चिकित्सा स्टाफ की आवश्यकता का आधार जानना चाहा है।

सेलिंग टीम के साथ योग्य कोच नहीं रखने पर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। इन मामलों में संबंधित महासंघों को अपनी जरूरत स्पष्ट करनी होगी।

एशियाड सपोर्ट स्टाफ की अंतिम सूची तैयार करते समय इन जवाबों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

खिलाड़ियों के प्रदर्शन में स्टाफ की भूमिका अहम

एशियाई खेलों जैसे बड़े आयोजन में खिलाड़ियों के साथ विशेषज्ञों की मौजूदगी जरूरी होती है। कोच तकनीकी तैयारी और रणनीति में सहायता करते हैं।

डॉक्टर स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हैं। मसाजर और फिजियोथेरेपिस्ट खिलाड़ियों की रिकवरी में मदद करते हैं।

घुड़सवारी में ग्रूम घोड़ों की देखभाल की जिम्मेदारी निभाते हैं। इसलिए अलग-अलग खेलों में सपोर्ट स्टाफ की जरूरत भी अलग होती है।

क्या-क्या सवाल उठे हैं?

  • 18 खेल संघों से साई ने स्पष्टीकरण मांगा है।
  • कई टीमों के साथ मसाजर नहीं भेजने पर सवाल है।
  • कुश्ती में विदेशी प्रशिक्षकों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
  • घुड़सवारी में ग्रूम की संख्या की समीक्षा हो रही है।
  • वेटलिफ्टिंग टीम के साथ डॉक्टर पर जवाब मांगा गया है।
  • सेलिंग में योग्य कोच की नियुक्ति पर भी सवाल उठे हैं।

अब महासंघों के जवाब पर टिकी नजर

साई के सवालों के बाद संबंधित महासंघ अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। इसके बाद एशियाई खेलों के लिए सपोर्ट स्टाफ की अंतिम सूची तय होगी।

कुश्ती में विदेशी प्रशिक्षकों का मामला सबसे ज्यादा चर्चा में है। वहीं घुड़सवारी और चिकित्सा स्टाफ से जुड़े प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण हैं।

महासंघों के जवाब मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। इसके बाद एशियाड सपोर्ट स्टाफ की अंतिम सूची सामने आ सकती है।

एशियाड से पहले तैयारियों की अहम कड़ी

खिलाड़ियों का चयन पूरा होने के बाद अब सहयोगी टीम पर ध्यान केंद्रित है। सही स्टाफ का चयन खिलाड़ियों की तैयारी को मजबूत कर सकता है।

साई और महासंघों के बीच समन्वय इस प्रक्रिया की सबसे अहम कड़ी है। आने वाले दिनों में अंतिम निर्णय से तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

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