रक्षाबंधन से पहले रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम भावुक क्षण का गवाह बना। शहीद उपनिरीक्षक युगल किशोर वर्मा की पत्नी माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान मुख्यमंत्री भावुक हो गए। उन्होंने इस रिश्ते को सगी बहन से भी बढ़कर बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी कोई सगी बहन नहीं है। उन्होंने कहा कि आज उन्हें बहन का स्नेह मिला है। इस आत्मीय पल ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। मुख्यमंत्री ने शहीद परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारी दोहराई।
शहादत और स्नेह से जुड़ा यह खास रिश्ता
‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में सुरक्षा बलों के जवानों को भी बहनों ने राखी बांधी। स्कूली छात्राओं और महिला समूहों ने जवानों के प्रति सम्मान जताया।
इसी दौरान माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधा। उनके पति युगल किशोर वर्मा वर्ष 2017 में नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए थे। मुख्यमंत्री ने उनके बलिदान को नमन किया। उन्होंने शहीद परिवारों के साथ सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
मुख्यमंत्री ने शहीद परिवार को दिया भरोसा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहीदों के परिवार अकेले नहीं हैं। उन्होंने उनके सुख-दुःख में साथ खड़े रहने की बात कही। मुख्यमंत्री के अनुसार, शहीद जवानों का बलिदान छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता।
माधुरी वर्मा द्वारा बांधी गई राखी को मुख्यमंत्री ने केवल त्योहार का रक्षा सूत्र नहीं माना। उन्होंने इसे विश्वास और आत्मीयता का प्रतीक बताया। यह रिश्ता शहीद परिवार और सरकार के बीच सम्मान को भी दर्शाता है।
जवानों के सम्मान में जुटीं सैकड़ों बहनें
कार्यक्रम में करीब 800 सुरक्षा बलों के जवान शामिल हुए। इनमें सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के जवान शामिल थे। बहनों ने जवानों की कलाइयों पर रक्षा सूत्र बांधे। इसके साथ ही उन्होंने देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए उनके योगदान को सम्मान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवान परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभाते हैं। इसलिए उनके प्रति समाज का सम्मान और विश्वास जरूरी है। उन्होंने जवानों को बहनों की रक्षा और सम्मान का संकल्प भी दिलाया।
कार्यक्रम की प्रमुख बातें
- शहीद उपनिरीक्षक युगल किशोर वर्मा की पत्नी ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।
- मुख्यमंत्री साय ने शहीद परिवार को अपना परिवार बताया।
- कार्यक्रम में लगभग 800 सुरक्षा बलों के जवान शामिल हुए।
- महिलाओं और छात्राओं ने जवानों को रक्षा सूत्र बांधे।
- मुख्यमंत्री ने जवानों के शौर्य और बलिदान को नमन किया।
शहीदों के सम्मान का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने शहीद परिवारों के सम्मान को सरकार की प्राथमिकता बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के योगदान को समाज हमेशा याद रखे।
माधुरी वर्मा के साथ राखी का यह प्रसंग रक्षाबंधन के भाव को व्यापक रूप देता है। इसमें पारिवारिक स्नेह के साथ शहादत के सम्मान का संदेश भी सामने आया। कार्यक्रम ने सुरक्षा बलों और समाज के बीच विश्वास की भावना को मजबूत किया।
‘स्नेह की डोर’ ने दिया सम्मान और अपनत्व का संदेश
रायपुर का यह आयोजन भाई-बहन के पारंपरिक रिश्ते से आगे बढ़ा। यहां राखी के माध्यम से शहीद परिवारों और सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। मुख्यमंत्री साय ने भी इस भाव को स्वीकार किया।
माधुरी वर्मा और मुख्यमंत्री साय के बीच बना यह भाई-बहन का रिश्ता कार्यक्रम की सबसे खास बात रहा। मुख्यमंत्री ने शहीद परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। इससे रक्षाबंधन के अवसर पर सम्मान, जिम्मेदारी और अपनत्व का संदेश सामने आया।
निष्कर्ष
रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम ने रक्षाबंधन के सामाजिक और मानवीय पक्ष को सामने रखा। माधुरी वर्मा की राखी ने शहादत और स्नेह को एक साथ जोड़ दिया। मुख्यमंत्री साय ने इसे जीवनभर निभाए जाने वाले रिश्ते के रूप में स्वीकार किया। इस अवसर ने शहीद परिवारों के सम्मान और सुरक्षा बलों के प्रति कृतज्ञता का संदेश दिया।
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