भारत के पूर्व टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कप्तानी जाने के बाद अपनी भावनाएं साझा की हैं। उन्होंने बताया कि इस फैसले को समझने में उन्हें काफी समय लगा। करीब डेढ़ महीने तक वह घर पर बैठकर इस बदलाव के बारे में सोचते रहे।
आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में उन्होंने कई अहम बातें बताईं। उन्होंने कहा कि उन्हें लंबे समय तक भारतीय टी-20 टीम की कमान संभालने की उम्मीद थी। उनका लक्ष्य 2028 लॉस एंजिल्स ओलिंपिक और अगले टी-20 विश्व कप तक कप्तान बने रहना था।
कप्तानी जाने के बाद क्या सोचते रहे सूर्यकुमार?
सूर्यकुमार यादव ने बताया कि टीम से बाहर होने के बाद उन्होंने स्थिति को अलग नजरिए से देखा। उन्होंने खुद को चयनकर्ताओं की जगह रखकर फैसला समझने की कोशिश की।
उनके मुताबिक, चयनकर्ता भविष्य को ध्यान में रखकर नई टीम तैयार करना चाहते होंगे। इसलिए उन्होंने इस फैसले को व्यक्तिगत रूप से लेने के बजाय उसे समझने का प्रयास किया।
उन्होंने यह भी बताया कि टीम में नाम नहीं होने पर उन्होंने खुद को शांत रखा। मैच देखते समय भी उन्होंने दबाव से बचने की कोशिश की।
चयनकर्ताओं ने फोन पर दी थी जानकारी
टीम की घोषणा से कुछ दिन पहले चयनकर्ताओं ने उनसे संपर्क किया था। उन्हें बताया गया कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए उनका चयन नहीं होगा।
सूर्यकुमार यादव ने इस बातचीत पर कोई नाराजगी नहीं जताई। उन्होंने चयनकर्ताओं से कहा कि फैसला टीम के हित में होगा। उन्होंने आगे भी क्रिकेट खेलते रहने की बात कही।
उनका रवैया बताता है कि वह टीम में वापसी की उम्मीद बनाए हुए हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें अपनी बल्लेबाजी फॉर्म पर भी ध्यान देना होगा।
वर्ल्ड कप जीतने के बाद बदली कप्तानी
सूर्यकुमार की कप्तानी में भारत ने 2026 टी-20 विश्व कप का खिताब जीता था। भारत ने लगातार दूसरी बार यह ट्रॉफी अपने नाम की। इसके बाद टी-20 नेतृत्व में बदलाव ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा।
2026 में चयनकर्ताओं ने श्रेयस अय्यर को नया टी-20 कप्तान बनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम की भविष्य की योजना और फॉर्म इस फैसले के प्रमुख कारण रहे।
रोहित शर्मा के बाद मिली थी जिम्मेदारी
रोहित शर्मा के टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद कप्तानी का सवाल खड़ा हुआ था। इसके बाद सूर्यकुमार यादव को टीम की कमान मिली थी।
2024 में भारतीय टीम ने उन्हें टी-20 कप्तान नियुक्त किया था। उस समय हार्दिक पंड्या भी कप्तानी की दौड़ में थे। चयनकर्ताओं ने सूर्यकुमार के नेतृत्व को प्राथमिकता दी थी।
कप्तानी में कैसा रहा सूर्यकुमार का रिकॉर्ड?
कप्तानी के दौरान भारत ने टी-20 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने भारत की अगुआई करते हुए 52 मुकाबले खेले। इनमें 42 जीत, आठ हार और दो मैच बेनतीजा रहे।
उनकी कप्तानी में भारत ने 2025 एशिया कप और 2026 टी-20 विश्व कप जीता। 2026 विश्व कप में टीम ने खिताब का सफल बचाव भी किया।
बल्लेबाजी में भी बनाया मजबूत रिकॉर्ड
सूर्यकुमार ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके नाम चार शतक और 25 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज टीम के लिए लंबे समय तक अहम रहा है।
हालांकि, हालिया फॉर्म चयनकर्ताओं की चिंता का विषय बना। इसी वजह से भविष्य की टीम को लेकर बदलाव किए गए।
आगे वापसी पर रहेगी नजर
सूर्यकुमार यादव के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती भारतीय टीम में वापसी होगी। कप्तानी की जिम्मेदारी फिलहाल श्रेयस अय्यर के पास है। ऐसे में सूर्यकुमार का प्रदर्शन उनकी वापसी का रास्ता तय कर सकता है।
उन्होंने बातचीत में सकारात्मक रवैया दिखाया है। साथ ही, उन्होंने चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करने की बात भी कही। अब नजर उनके प्रदर्शन और टीम में संभावित वापसी पर रहेगी।
खबर से जुड़ी अहम बातें
- सूर्यकुमार ने कप्तानी जाने के बाद पहली बार विस्तार से बात की।
- उन्होंने करीब डेढ़ महीने तक इस फैसले पर विचार किया।
- उन्हें 2028 ओलिंपिक तक कप्तान रहने की उम्मीद थी।
- चयनकर्ताओं ने श्रेयस अय्यर को नया टी-20 कप्तान बनाया।
- टीम से बाहर होने के बाद भी उन्होंने सकारात्मक रवैया रखा।
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