रायपुर में आयोजित नारी शक्ति सम्मान समारोह में महिला आर्थिक आत्मनिर्भरता को लेकर सरकार की योजनाओं और प्रयासों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महिलाओं को सम्मान के साथ आर्थिक अवसर भी मिलना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की तरक्की से परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं। इसलिए सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है।
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। चिकित्सा, शिक्षा, खेल, पत्रकारिता, कला, कृषि और सामाजिक सेवा से जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों को सराहा गया।
महतारी वंदन योजना से मिला आर्थिक सहारा
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
सरकार के अनुसार, योजना की 31 किस्तें लाभार्थियों के खातों में पहुंच चुकी हैं। रक्षाबंधन को देखते हुए सहायता राशि समय से पहले भेजने की जानकारी भी दी गई।
यह सहायता महिलाओं की छोटी जरूरतों को पूरा करने में मददगार हो सकती है। साथ ही, इससे उन्हें परिवार से जुड़े कुछ आर्थिक फैसले लेने में सहारा मिलता है।
लखपति दीदी योजना से बढ़े अवसर
छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
महिलाएं कृषि, वनोपज, सिलाई-कढ़ाई और लघु उद्योगों से जुड़ रही हैं। इसके अलावा, स्वरोजगार और ड्रोन संचालन जैसे नए क्षेत्रों में भी उनकी भागीदारी बढ़ रही है।
सरकार महिलाओं को कौशल, पूंजी, बाजार और तकनीक से जोड़ने पर जोर दे रही है। इससे कारोबार और आय के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।
481 महतारी सदनों का हो रहा निर्माण
महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को मजबूत करने के लिए प्रदेश में 481 महतारी सदनों का निर्माण किया जा रहा है।
इन केंद्रों में समूहों की बैठक और आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को संगठित होकर काम करने में सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा, रेडी-टू-ईट कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी है। इस माध्यम से भी महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
2026 में महतारी गौरव वर्ष की पहल
छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026 को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देना है।
साथ ही, महिलाओं और बालिकाओं के लिए नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। सरस्वती साइकिल योजना के माध्यम से बालिकाओं को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ पहल के तहत 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इससे स्कूलों में छात्राओं के लिए सुविधाएं बेहतर करने का प्रयास है।
संपत्ति के स्वामित्व से मजबूत होगा आर्थिक आधार
महिलाओं के नाम जमीन और संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने पर भी सरकार का जोर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संपत्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी उनके आर्थिक आधार को मजबूत करती है।
वहीं, संपत्ति का स्वामित्व महिलाओं की निर्णय क्षमता बढ़ाने में भी सहायक हो सकता है। इसलिए महिलाओं को आर्थिक अधिकारों से जोड़ना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शिक्षा और कौशल से आत्मनिर्भरता की राह
केवल आर्थिक सहायता से महिलाओं का विकास पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसर भी जरूरी हैं।
सरकार महिलाओं को प्रशिक्षण और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में प्रयास कर रही है। इससे स्वरोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।
महिला आर्थिक आत्मनिर्भरता का विस्तार होने से महिलाओं की परिवार और स्थानीय अर्थव्यवस्था में भूमिका मजबूत हो सकती है। साथ ही, उनके लिए निर्णय लेने के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
महिला आयोग की भूमिका भी अहम
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को शुभकामनाएं दी गईं। मुख्यमंत्री ने आयोग को महिलाओं के अधिकारों की रक्षा का प्रभावी माध्यम बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आयोग को शिकायतों के समाधान के साथ जागरूकता पर भी काम करना चाहिए। खासकर ग्रामीण, जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं तक कानूनी जानकारी पहुंचाना जरूरी है।
महिला सुरक्षा और न्याय के साथ आर्थिक अवसर भी महत्वपूर्ण हैं। महिला आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए इन सभी पहलुओं को साथ लेकर चलना जरूरी है।
महिला आयोग के 25 वर्ष पूरे
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत उत्सव दिवस मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आयोग ने महिलाओं के अधिकार और सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आगे भी महिलाओं की समस्याओं के समाधान पर ध्यान दिया जाएगा।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भी महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना परिवार और समाज का समग्र विकास संभव नहीं है।
मुख्य बातें
- रायपुर में नारी शक्ति सम्मान समारोह आयोजित हुआ।
- विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मान मिला।
- 68 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने की जानकारी दी गई।
- 13.85 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनीं।
- प्रदेश में 481 महतारी सदनों का निर्माण जारी है।
- वर्ष 2026 को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।
महिलाओं के लिए प्रमुख पहल
- महतारी वंदन योजना
- लखपति दीदी पहल
- सरस्वती साइकिल योजना
- मेरी बेटी, मेरा अभिमान
- महतारी सदन निर्माण
- महिला स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण
- संपत्ति पंजीयन में महिलाओं को प्रोत्साहन
कुल मिलाकर, रायपुर के समारोह में महिलाओं के सम्मान के साथ उनके आर्थिक भविष्य पर भी चर्चा हुई। शिक्षा, कौशल, रोजगार और स्वरोजगार को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। महिला आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाली योजनाओं से महिलाओं के लिए नए अवसर तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।


