भारतीय स्क्वैश खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में दमदार शुरुआत की। लंदन स्क्वैश क्लासिक में अनाहत सिंह और रमित टंडन ने सीधे गेम में जीत दर्ज की। दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। वहीं, वीर चोटरानी को शुरुआती दौर में हार का सामना करना पड़ा। अनाहत ने मिस्र की मरियम मेटवाली को 11-3, 11-2 से हराया। उन्होंने यह मुकाबला केवल 11 मिनट में अपने नाम किया।
अनाहत सिंह ने दिखाया शानदार खेल
महिला वर्ग में अनाहत सिंह ने शुरुआत से ही मुकाबले पर नियंत्रण रखा। उन्होंने मरियम मेटवाली को लगातार दबाव में रखा। पहले गेम में अनाहत ने 11-3 से जीत हासिल की। इसके बाद दूसरे गेम में भी उनका दबदबा कायम रहा।
उन्होंने दूसरा गेम 11-2 से जीतकर मुकाबला अपने नाम किया। इस प्रदर्शन के साथ अनाहत ने अगले दौर में अपनी जगह पक्की की। उनकी आक्रामक शैली और तेज रफ्तार खेल ने प्रतिद्वंद्वी को वापसी का मौका नहीं दिया।
अब नेले गिलिस से होगी अनाहत की भिड़ंत
लंदन स्क्वैश क्लासिक के अगले चरण में अनाहत के सामने बड़ी चुनौती होगी। उनका सामना बेल्जियम की नेले गिलिस से होगा। गिलिस विश्व रैंकिंग में शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल हैं।
अनाहत के लिए यह मुकाबला आसान नहीं होगा। हालांकि, मौजूदा फॉर्म उनके आत्मविश्वास को मजबूत करेगी। हाल ही में वह विश्व जूनियर चैंपियन भी बनी हैं। वह यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं।
रमित टंडन ने भी दर्ज की आसान जीत
पुरुष वर्ग में रमित टंडन ने भी प्रभावी प्रदर्शन किया। उन्होंने कतर के अब्दुल्ला अल-तमीमी को सीधे गेम में शिकस्त दी। मुकाबला करीब 20 मिनट तक चला।
टंडन ने पहला गेम 11-6 से जीता। दूसरे गेम में उन्होंने 11-7 से बाजी मारी। इस जीत के साथ उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
एलशोरबागी से होगा अगला मुकाबला
रमित टंडन की अगली चुनौती काफी कठिन रहने वाली है। उनका सामना आठवीं वरीयता प्राप्त मोहम्मद एलशोरबागी से होगा। मिस्र में जन्मे एलशोरबागी अब इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करते हैं।
टंडन को अगले मुकाबले में अपनी रणनीति और फिटनेस पर खास ध्यान देना होगा। लंदन स्क्वैश क्लासिक में आगे बढ़ने के लिए उन्हें अपने प्रदर्शन का स्तर बरकरार रखना होगा।
वीर चोटरानी का सफर शुरुआती दौर में थमा
भारतीय खिलाड़ी वीर चोटरानी के लिए प्रतियोगिता की शुरुआत निराशाजनक रही। उन्हें स्विट्जरलैंड के यानिक विल्हेल्मी ने हराया। दोनों गेम में विल्हेल्मी ने 11-9 के समान अंतर से जीत दर्ज की।
चोटरानी ने मुकाबले में संघर्ष जरूर किया। हालांकि, अहम मौकों पर विल्हेल्मी ने बेहतर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही भारतीय खिलाड़ी का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया।
भारतीय खिलाड़ियों के लिए अहम तैयारी
यह प्रतियोगिता भारतीय स्क्वैश खिलाड़ियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। अनाहत और वीर चोटरानी आगामी एशियाई खेलों की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, रमित टंडन भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी लय मजबूत करना चाहेंगे।
अनाहत हालिया समय में लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं। उन्होंने 2026 में इंडियन ओपन का खिताब भी जीता था। इसके अलावा, जुलाई में विश्व जूनियर चैंपियनशिप में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक हासिल किया।
भारतीय दल की नजरें अगले दौर पर
अनाहत और रमित की जीत से भारतीय दल को मजबूती मिली है। दोनों खिलाड़ी अब अगले मुकाबले की तैयारी करेंगे। दूसरी ओर, वीर की हार के बावजूद भारतीय स्क्वैश के लिए कई सकारात्मक पहलू सामने आए हैं।
लंदन स्क्वैश क्लासिक में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। अब प्रशंसकों की नजरें अनाहत और रमित के अगले मुकाबलों पर रहेंगी।


