रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका ने दृष्टिबाधित विद्यार्थी को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री आसानी से उपलब्ध कराना जरूरी है।
राज्यपाल ने वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने तकनीक के माध्यम से शिक्षा पहुंचाने की इस पहल को उपयोगी और अनुकरणीय बताया।
ऑडियो बुक टीम को राज्यपाल ने किया सम्मानित
लोक भवन में वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम के सदस्यों ने राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान टीम के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में टीम का नाम दर्ज होने पर राज्यपाल ने बधाई दी। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में टीम के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए तकनीक बनी सहारा
दृष्टिबाधित विद्यार्थी ऑडियो माध्यम से पाठ्यक्रम आधारित सामग्री सुनकर पढ़ाई कर सकते हैं। इससे अध्ययन सामग्री तक उनकी पहुंच आसान हो सकती है।
राज्यपाल ने कहा कि ऐसे प्रयासों का विस्तार जरूरी है। इससे अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
11 हजार से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार करने का लक्ष्य
वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम 11 हजार से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। इस अभियान की शुरुआत 5 अक्टूबर 2024 को हुई थी।
राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षिका के. शारदा के नेतृत्व में यह पहल शुरू हुई। शारदा अब तक 1,800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कर चुकी हैं।
उनके साथ छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के 30 शिक्षक-शिक्षिकाएं भी जुड़े हैं। वे अपने नियमित शैक्षणिक कार्यों के साथ इस अभियान में योगदान दे रहे हैं।
शिक्षा में समान अवसर देने पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचना चाहिए। दृष्टिबाधित विद्यार्थी भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अध्ययन संसाधनों के समान हकदार हैं।
ऑडियो सामग्री उनकी जरूरतों के अनुसार सीखने का विकल्प उपलब्ध कराती है। हालांकि, अध्ययन सामग्री की गुणवत्ता और उपलब्धता को लगातार बेहतर करना जरूरी है।
ऑडियो बुक चैनल को मिली बड़ी पहुंच
वर्ल्ड ऑडियो बुक चैनल पर 107 से अधिक प्लेलिस्ट उपलब्ध हैं। चैनल को अब तक 8 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है।
टीम विद्यार्थियों के लिए उपयोगी और पाठ्यक्रम आधारित सामग्री तैयार कर रही है। इससे डिजिटल माध्यम से शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में मदद मिल रही है।
आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
दृष्टिबाधित विद्यार्थी जब अपनी सुविधा से अध्ययन सामग्री सुन सकते हैं, तो उनकी सीखने की प्रक्रिया आसान हो सकती है।
इसके अलावा, ऑडियो सामग्री विद्यार्थियों में आत्मनिर्भर अध्ययन की क्षमता बढ़ा सकती है। ऐसे नवाचारों को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना उपयोगी होगा।
शिक्षकों की भागीदारी से आगे बढ़ रहा अभियान
अभियान में अलग-अलग जिलों के शिक्षक-शिक्षिकाएं सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। वे ऑडियो सामग्री तैयार करने में अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल कर रहे हैं।
यह पहल शिक्षा और तकनीक के बेहतर समन्वय का उदाहरण है। साथ ही, इससे सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति शिक्षकों की भूमिका भी सामने आती है।
एक नजर में
- राज्यपाल रमेन डेका ने टीम को प्रशस्ति पत्र दिया।
- वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ।
- 11 हजार से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार करने का लक्ष्य है।
- के. शारदा 1,800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कर चुकी हैं।
- अभियान में 30 शिक्षक-शिक्षिकाएं योगदान दे रहे हैं।
प्रमुख उपलब्धियां
- चैनल पर 107 से अधिक प्लेलिस्ट उपलब्ध।
- 8 लाख से अधिक बार चैनल देखा गया।
- पाठ्यक्रम आधारित ऑडियो सामग्री तैयार की जा रही है।
- दृष्टिबाधित और सामान्य विद्यार्थियों के लिए सामग्री उपलब्ध है।
- तकनीक के जरिए शिक्षा को सुलभ बनाने पर जोर है।
कुल मिलाकर, दृष्टिबाधित विद्यार्थी के लिए ऑडियो आधारित अध्ययन सामग्री शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम की पहल को राज्यपाल ने भी सराहा है।
तकनीक के उपयोग से अध्ययन संसाधनों की पहुंच बढ़ाई जा सकती है। वहीं, ऐसे प्रयासों के विस्तार से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा के समान अवसर मिल सकते हैं।

