रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आएंगे। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक होगी।यह बैठक BRICS नेताओं की बैठक से पहले आयोजित की जाएगी। क्रेमलिन ने दोनों नेताओं के बीच मुलाकात की पुष्टि की है। रूस ने भारत को अपना रणनीतिक साझेदार बताया है।भारत और रूस के बीच उच्चस्तरीय संपर्क लगातार बना हुआ है। दोनों देशों के संबंधों में रक्षा और ऊर्जा का विशेष महत्व है। इसके अलावा व्यापार और आर्थिक सहयोग भी प्रमुख क्षेत्र हैं।
पुतिन भारत यात्रा के दौरान आर्थिक मुद्दों पर चर्चा
पुतिन की भारत यात्रा के दौरान आर्थिक सहयोग से जुड़े विषय प्रमुख रह सकते हैं। भारत और रूस दोनों आपसी व्यापार बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
भारतीय कंपनियां रूस के बाजार में विस्तार की संभावनाएं तलाश रही हैं। वहीं, रूसी कंपनियां भारत में अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती हैं।
दोनों देशों के बीच भुगतान व्यवस्था में भी बदलाव हुआ है। रूस के अनुसार, दोनों देशों के बीच ज्यादातर भुगतान स्थानीय मुद्राओं में हो रहे हैं।
इसके अलावा परिवहन और कारोबारी सहयोग पर भी बातचीत हो सकती है। दोनों पक्ष नए आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने पर विचार कर सकते हैं।
भारत-रूस व्यापार को लेकर क्या है फोकस?
भारत और रूस के बीच व्यापारिक संबंधों का दायरा लगातार व्यापक हुआ है। दोनों देश आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर देते हैं।
बैठक में कारोबार से जुड़ी बाधाओं को कम करने पर भी चर्चा संभव है। साथ ही, दोनों देशों की कंपनियों के लिए नए अवसरों पर विचार हो सकता है।
रक्षा क्षेत्र में सहयोग रहेगा महत्वपूर्ण
भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। आगामी बैठक में रक्षा क्षेत्र से जुड़े विषय भी चर्चा में आ सकते हैं।
रूस ने भारत के लिए Su-57 लड़ाकू विमान की पेशकश का मुद्दा अपने एजेंडे में रखा है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इसकी जानकारी दी है।
Su-57 रूस का पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है। इसमें स्टील्थ क्षमता और आधुनिक एवियोनिक्स सिस्टम मौजूद हैं।
हालांकि, किसी भी रक्षा सौदे को लेकर अंतिम फैसला आधिकारिक प्रक्रियाओं के तहत होगा।
यूक्रेन युद्ध और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बैठक में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भी चर्चा संभव है।
रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े घटनाक्रम बैठक में उठ सकते हैं। इसके अलावा फारस की खाड़ी की स्थिति पर भी बातचीत हो सकती है।
रूस के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में जारी घटनाओं का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। ऐसे में वैश्विक आर्थिक स्थिति भी चर्चा का विषय बन सकती है।
BRICS शिखर सम्मेलन से पहले अहम बैठक
भारत वर्ष 2026 में BRICS की अध्यक्षता करेगा। 18वां BRICS शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होगा।
इससे पहले 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है।
BRICS सदस्य देशों के बीच आर्थिक और राजनीतिक सहयोग का महत्वपूर्ण मंच है। समूह में कई प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं।
भारत की अध्यक्षता में BRICS से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी।

