दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी भवन गिरने की घटना की जांच जारी है। इस जांच में निर्माण गतिविधियों से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, ग्राउंड फ्लोर पर बनी दो दुकानों को एक करने का काम चल रहा था। इसके लिए दोनों दुकानों के बीच की बीम हटाई गई थी।
इसके बाद भवन की पूरी संरचना प्रभावित हुई और पांच मंजिला इमारत ढह गई। सत्य निकेतन इमारत में हादसे के समय कई लोग मौजूद थे।
घटना में सात लोगों की मौत हुई। वहीं, पांच अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
बेसमेंट में भी चल रही थी मरम्मत
इमारत के बेसमेंट में लंबे समय से पानी के रिसाव की समस्या बताई गई थी। बारिश के दौरान वहां कचरा और पानी जमा होने की बात भी सामने आई।
इसी समस्या को दूर करने के लिए बेसमेंट में मरम्मत का काम कराया जा रहा था। पुलिस अब इस काम से जुड़े ठेकेदार और मजदूरों से पूछताछ कर रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि मरम्मत के दौरान भवन की संरचना में कोई बदलाव किया गया था या नहीं।
भवन की संरचना पर भी उठे सवाल
सत्य निकेतन इमारत की बनावट की होगी जांच
पुलिस के मुताबिक, यह इमारत करीब 55 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनी थी। इसमें बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और चार ऊपरी मंजिलें थीं।
बताया गया कि हर मंजिल पर दो कमरे थे। प्रत्येक कमरे में दो बिस्तरों की व्यवस्था थी।
अब जांच का एक प्रमुख हिस्सा भवन की मूल संरचना को समझना है। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण के दौरान किन हिस्सों में बदलाव किए गए।
विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि बीम हटाने से भवन की स्थिरता किस तरह प्रभावित हुई।
मालिक और पीजी संचालक पर कार्रवाई
पुलिस ने संपत्ति की मालकिन उर्मिला गुप्ता, उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, दस्तावेजों में उर्मिला को इमारत की मालकिन बताया गया है। वहीं, हरिराम और महेश पीजी के प्रबंधन से जुड़े बताए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि इमारत अगस्त 2025 में हॉस्टल डेज को लीज पर दी गई थी।
लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़े जाने की जानकारी है। उससे निर्माण और मरम्मत कार्य को लेकर पूछताछ की जा रही है।
अदालत ने आरोपियों की हिरासत को लेकर आदेश जारी किए हैं। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है। इसलिए आरोपों के आधार पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
हादसे के बाद एमसीडी की कार्रवाई
सत्य निकेतन इमारत गिरने के बाद दिल्ली नगर निगम ने खतरनाक और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान तेज किया है।
एमसीडी के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली के 12 जोन में कार्रवाई की गई। इस दौरान 17 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई।
इसके अलावा पांच संपत्तियों को सील किया गया। वहीं, 15 संपत्तियों के ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए।
नौ संपत्तियों के संबंध में अनधिकृत निर्माण को लेकर शो-कॉज नोटिस भी जारी किए गए। कार्रवाई कई प्रमुख इलाकों में की गई।
अन्य इलाकों में भी नोटिस
सात सितंबर के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, वार्ड 160 के कई इलाकों में आवासीय संपत्तियों को नोटिस दिए गए हैं।
मैदानगढ़ी, सैदुल्लाजाब और नेब सराय सहित अन्य क्षेत्रों की पांच संपत्तियां इसमें शामिल हैं।
वहीं, सैदुल्लाजाब में एक जर्जर आवासीय संपत्ति को गिराने की कार्रवाई भी की गई। इससे संकेत मिलता है कि प्रशासन खतरनाक भवनों की पहचान पर जोर दे रहा है।
सुरक्षा ऑडिट की तैयारी
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस ने दिल्ली सरकार और अन्य संबंधित एजेंसियों को पत्र भेजा है। इसमें इलाके की इमारतों का सुरक्षा ऑडिट कराने की बात कही गई है।
हादसे के बाद पुराने भवनों में होने वाले निर्माण और मरम्मत कार्यों की निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है। खासकर ढांचागत बदलाव से पहले तकनीकी जांच की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।
हालांकि, सत्य निकेतन इमारत गिरने की अंतिम वजह विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित कारणों और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
एक नजर में
- स्थान: सत्य निकेतन, दिल्ली
- भवन: पांच मंजिला पीजी
- मृतक: 7
- घायल: 5
- क्षेत्रफल: करीब 55 वर्ग मीटर
- मुख्य जांच बिंदु: बीम हटाना और निर्माण कार्य
- बेसमेंट: सीपेज की समस्या
- पीजी लीज: अगस्त 2025
- एमसीडी कार्रवाई: 17 संपत्तियों पर तोड़फोड़
- सील: 5 संपत्तियां
- ध्वस्तीकरण आदेश: 15 संपत्तियां
आगे की जांच में क्या होगा?
पुलिस निर्माण और मरम्मत कार्य से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। ठेकेदार की भूमिका और भवन की संरचना भी जांच के दायरे में है।
साथ ही, प्रशासन अन्य संवेदनशील इमारतों की सुरक्षा जांच पर भी ध्यान दे रहा है। सत्य निकेतन इमारत हादसे ने राजधानी में भवन सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
कुल मिलाकर, हादसे के कारणों की पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी। इसके आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय हो सकती है।
मुख्य बातें
- सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी भवन ढह गया।
- हादसे में सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
- पांच लोग घायल बताए गए हैं।
- ग्राउंड फ्लोर पर दो दुकानों को जोड़ने का काम चल रहा था।
- जांच में बीम हटाए जाने की जानकारी सामने आई।
- बेसमेंट में सीपेज की समस्या भी बताई गई है।
- एमसीडी ने कई संपत्तियों पर कार्रवाई शुरू की है।
यह भी पढ़ें: ग्रेटर नोएडा छात्र नोटिस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मजिस्ट्रेट से जवाब की तैयारी

