छत्तीसगढ़ में पीएम आवास योजना को लेकर बड़ी घोषणा हुई है। सक्ती में दो लाख परिवारों ने नए घर में प्रवेश किया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
कार्यक्रम में हितग्राहियों को नए घरों की प्रतीकात्मक चाबी दी गई। इसके साथ ही प्रदेश को 3.65 लाख अतिरिक्त ग्रामीण आवास मिले। बस्तर में आवास सर्वे की समय-सीमा भी बढ़ाई गई है।
छत्तीसगढ़ में रोज पूरे हो रहे 1600 से ज्यादा घर
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आवास निर्माण की गति की सराहना की। उन्होंने प्रदेश में रोजाना 1600 से अधिक आवास पूरे होने की बात कही।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकास को गति दे रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आवास के साथ बुनियादी सुविधाएं भी बढ़ रही हैं।
सड़क, पेयजल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी जोर है। आजीविका के नए अवसर विकसित करने का प्रयास जारी है।
3.65 लाख अतिरिक्त ग्रामीण आवासों को मंजूरी
छत्तीसगढ़ को ग्रामीण आवासों की नई स्वीकृति मिली है। इसके तहत 3.65 लाख अतिरिक्त घर उपलब्ध कराए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने स्वीकृति संबंधी पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। बस्तर संभाग में आवास सर्वे की अवधि भी बढ़ाई गई है।
अब यह सर्वे 31 अक्टूबर 2026 तक किया जा सकेगा। इससे छूटे पात्र परिवारों को अवसर मिलने की उम्मीद है।
पीएम आवास योजना से गरीब परिवारों को राहत
पीएम आवास योजना के जरिए जरूरतमंद परिवारों को पक्के घर मिल रहे हैं। आवास सुविधा को दूसरी सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा गया है।
लाभार्थियों को उज्ज्वला और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ मिलता है। मुफ्त राशन और शौचालय जैसी सुविधाएं भी जुड़ी हैं।
जल जीवन मिशन से ग्रामीण परिवारों तक पेयजल पहुंचाने का प्रयास है। इससे परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने पर जोर है।
ढाई साल में 11.50 लाख से ज्यादा आवास पूरे
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आवास को प्राथमिकता बताया। उन्होंने सरकार के शुरुआती फैसलों की जानकारी दी।
पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख आवास मंजूर किए गए थे। पिछले ढाई वर्षों में 11.50 लाख से ज्यादा घर पूरे हुए हैं।
सरकार शेष पात्र परिवारों को भी लाभ देने की कोशिश कर रही है। आवास प्लस-प्लस सर्वे के परिवारों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
ग्रामीण विकास के साथ महिला सशक्तिकरण पर भी जोर दिया गया। प्रदेश में 13.85 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं।
बिहान और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से रोजगार मिल रहे हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता मजबूत हो रही है।
महतारी वंदन योजना से करीब 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है। अब तक 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा राशि दी गई है।
सक्ती में खुलेगा कृषि विज्ञान केंद्र
सक्ती जिले के किसानों के लिए भी अहम घोषणा हुई है। यहां कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित किया जाएगा।
किसानों को स्थानीय स्तर पर वैज्ञानिक सलाह मिल सकेगी। आधुनिक तकनीक और उन्नत खेती की जानकारी भी मिलेगी।
फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा। इससे क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
ग्रामीण विकास में नई तकनीक का इस्तेमाल
कार्यक्रम में कई ग्रामीण विकास अभियानों की शुरुआत हुई। आवास निर्माण में एआई आधारित जियो-टैग सत्यापन शुरू किया गया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में 270 फार्मिंग क्लस्टर शुरू किए गए। ‘अथ उद्यमिता की ओर’ कार्यक्रम का चैलेंज फंड भी शुरू हुआ।
उत्कृष्ट लखपति दीदियों और पंचायतों को सम्मानित किया गया। बेहतर काम करने वाले ग्रामीण प्रतिनिधियों को भी सम्मान मिला।
पंचायतों के काम में बढ़ेगी पारदर्शिता
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीण विकास की प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही को जरूरी बताया।
पंचायतों के विकास कार्यों पर बारकोड लगाने की पहल होगी। नागरिक बारकोड स्कैन करके काम की जानकारी देख सकेंगे।
इससे विकास कार्यों की निगरानी आसान हो सकती है। आम लोगों की भागीदारी भी बढ़ने की उम्मीद है।
ग्रामीण परिवारों के लिए सरकार की बड़ी प्राथमिकता
पीएम आवास योजना के साथ ग्रामीण सुविधाओं का विस्तार भी जारी है। सरकार शिक्षा और स्वच्छता पर भी ध्यान दे रही है।
नक्सल हिंसा प्रभावित परिवारों की आवास जरूरतों पर भी जोर है। आत्मसमर्पण कर लौटे लोगों के आवास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
26 जनवरी 2027 तक स्कूलों में बालिका शौचालय का लक्ष्य है। ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के मुक्तिधाम शेड भी बनाए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ में कार्यक्रम की प्रमुख घोषणाएं
- 3.65 लाख अतिरिक्त आवास: प्रदेश को नए ग्रामीण घरों की मंजूरी मिली।
- 2 लाख परिवारों का गृह प्रवेश: नवनिर्मित घरों में हितग्राहियों ने प्रवेश किया।
- बस्तर सर्वे की नई तारीख: सर्वे की अवधि 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ी।
- कृषि विज्ञान केंद्र: सक्ती में केंद्र खोलने की घोषणा हुई।
महिला और ग्रामीण विकास को मिली नई गति
- 13.85 लाख लखपति दीदी: महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।
- 270 फार्मिंग क्लस्टर: एकीकृत खेती को बढ़ावा देने की पहल हुई।
- एआई आधारित सत्यापन: आवास निर्माण की निगरानी आधुनिक होगी।
- बारकोड व्यवस्था: पंचायत कार्यों की जानकारी सार्वजनिक होगी।
आगे पात्र परिवारों तक पहुंचेगा लाभ
पीएम आवास योजना के तहत स्वीकृत नए घरों को पूरा करना अगला लक्ष्य है। सरकार पात्र परिवारों तक लाभ पहुंचाने पर जोर दे रही है।
बस्तर सर्वे की बढ़ी अवधि से नए परिवार जुड़ सकेंगे। वहीं, तेज निर्माण से आवास पूर्ण करने की रफ्तार बनी रहेगी।
सक्ती का कार्यक्रम ग्रामीण विकास के लिहाज से अहम रहा। इसमें आवास, कृषि और महिला आजीविका से जुड़े फैसले हुए।

