रायपुर में गणेश चतुर्थी पर मुख्यमंत्री निवास में गणपति की स्थापना हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परिवार के साथ विधि-विधान से पूजा की। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री निवास में भगवान गणेश की प्रतिमा पारंपरिक रीति से स्थापित की गई। पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। मुख्यमंत्री ने उत्तम स्वास्थ्य और प्रदेश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
गणेश चतुर्थी पर सीएम साय ने दिया संदेश
मुख्यमंत्री निवास में गणपति स्थापना के बाद सीएम साय ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान गणेश को बुद्धि और विवेक का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शुभ कार्यों की शुरुआत गणेश आराधना से होती है। यह परंपरा भारतीय संस्कृति में लंबे समय से चली आ रही है। उन्होंने गणेशोत्सव को सामाजिक एकता का पर्व भी बताया।
मुख्यमंत्री निवास में गणपति स्थापना से दिया एकता का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि गणेशोत्सव लोगों को आपस में जोड़ता है। यह पर्व प्रेम और सद्भाव को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है।
इसके अलावा, उत्सव समाज में सामूहिकता की भावना बढ़ाते हैं। इससे लोकमंगल और आपसी सहयोग का संदेश भी मजबूत होता है।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति में त्योहारों का महत्व
मुख्यमंत्री के अनुसार, छत्तीसगढ़ में तीज-त्योहारों की समृद्ध परंपरा है। पर्व लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं।
साथ ही, धार्मिक आयोजन परिवारों को एक साथ लाते हैं। इससे सामाजिक रिश्तों और आपसी सद्भाव को मजबूती मिलती है।
गणेशोत्सव के दौरान प्रमुख बातें
- परिवार के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई।
- मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
- प्रदेशवासियों के सुख और समृद्धि की कामना की।
- गणेश चतुर्थी पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने इन बातों पर दिया जोर
- भगवान गणेश बुद्धि और विवेक के प्रतीक हैं।
- शुभ कार्यों से पहले गणेश आराधना की परंपरा है।
- गणेशोत्सव प्रेम और सद्भाव को बढ़ावा देता है।
- त्योहार सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर देते हैं।
मुख्यमंत्री निवास में मौजूद रहे अधिकारी
मुख्यमंत्री निवास में गणपति स्थापना के अवसर पर परिवारजन मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रेस अधिकारी आलोक सिंह भी इस अवसर पर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री निवास में गणपति स्थापना श्रद्धा और परंपरा के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के लिए सुख और खुशहाली की कामना की।

