छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर में चुनावी व्यवस्था से जुड़े राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हुई। यह 32वां अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन है। करीब 11 साल बाद छत्तीसगढ़ को इसकी मेजबानी मिली है।
राज्यपाल रमेन डेका ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर ‘Chhattisgarh Local Body Election Year Book–2026’ का विमोचन हुआ।
स्थानीय चुनाव प्रक्रिया को आधुनिक बनाने पर जोर
उद्घाटन सत्र में स्थानीय निकायों की चुनाव प्रक्रिया पर चर्चा हुई। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को अधिक प्रभावी बनाने पर भी विचार किया गया।
राज्यपाल ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और समावेशिता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को भी जरूरी बताया।
स्थानीय स्वशासी संस्थाओं को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। उनकी चुनाव प्रक्रिया में लगातार सुधार की जरूरत पर चर्चा हुई।
चुनावी व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल पर चर्चा
चुनावी व्यवस्था में डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग पर सम्मेलन में विचार हुआ। निर्वाचन प्रबंधन में तकनीकी नवाचारों को लेकर चर्चा शुरू हुई।
चुनाव प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने के उपायों पर मंथन किया गया। विभिन्न राज्यों के अनुभव और प्रयोग भी साझा किए जा रहे हैं।
पारदर्शिता बढ़ाने के साथ प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर है। स्थानीय निर्वाचन से जुड़े समसामयिक विषय भी चर्चा में शामिल हैं।
Local Body Election Year Book-2026 जारी
राज्यपाल रमेन डेका ने Year Book-2026 के प्रथम संस्करण का विमोचन किया। यह प्रकाशन छत्तीसगढ़ के स्थानीय निकाय चुनावों पर आधारित है।
पुस्तक में निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी दी गई है। इसमें उपलब्धियों और तकनीकी नवाचारों का भी उल्लेख है।
यह प्रकाशन स्थानीय चुनाव व्यवस्था का महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करता है। इससे निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी एक जगह उपलब्ध होगी।
अजय सिंह ने किया प्रतिभागियों का स्वागत
राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने देशभर से आए अधिकारियों और विशेषज्ञों का स्वागत किया।
उन्होंने सम्मेलन के उद्देश्यों की जानकारी भी साझा की। स्थानीय निर्वाचन प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के प्रयासों पर प्रकाश डाला।
मुख्य सचिव विकास शील ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने प्रशासन और निर्वाचन संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई।
सम्मेलन में इन मुद्दों पर हो रहा विचार
- डिजिटल तकनीक: निर्वाचन प्रक्रिया में तकनीकी साधनों के इस्तेमाल पर चर्चा।
- पारदर्शिता: चुनावी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के उपाय।
- नवाचार: विभिन्न राज्यों की नई पहल और अनुभवों का आदान-प्रदान।
- निर्वाचन प्रबंधन: स्थानीय चुनावों को अधिक प्रभावी बनाने के विकल्प।
17 सितंबर को होगी स्थायी समिति की बैठक
यह सम्मेलन दो दिनों तक चलेगा। 17 सितंबर को राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय में बैठक होगी।
नवा रायपुर अटल नगर में स्टैंडिंग कमिटी की बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद नवा रायपुर के विकास पर प्रस्तुतीकरण होगा।
नया रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी कैपिटल सिटी के निर्माण और विकास की जानकारी देगा। इसके बाद अतिथियों का भ्रमण कार्यक्रम होगा।
विधानसभा और संग्रहालयों का होगा दौरा
प्रतिनिधियों को नवा रायपुर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसमें छत्तीसगढ़ विधानसभा भी शामिल है।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ आदिवासी संग्रहालय का दौरा होगा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भी भ्रमण कार्यक्रम में रहेगा।
इससे प्रतिभागियों को राज्य की संस्थाओं और विरासत को जानने का अवसर मिलेगा।
चुनावी व्यवस्था को लेकर साझा होंगे अनुभव
चुनावी व्यवस्था से जुड़े विभिन्न अनुभव सम्मेलन में साझा किए जाएंगे। अलग-अलग राज्यों की तकनीकी पहलों पर भी चर्चा होगी।
निर्वाचन प्रबंधन में नवाचारों को अपनाने के विकल्पों पर विचार किया जाएगा। स्थानीय चुनाव प्रक्रिया को सरल बनाने के उपाय भी सामने आएंगे।
इस दौरान अधिकारियों और विशेषज्ञों के बीच विचारों का आदान-प्रदान होगा। इससे स्थानीय लोकतंत्र से जुड़े विषयों पर संवाद बढ़ेगा।
स्थायी समिति के पदाधिकारी भी हुए शामिल
राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्थायी समिति के अध्यक्ष विजय देव ने विचार रखे। समिति के संयोजक सुधांशु पांडे ने आभार व्यक्त किया।
आयोग की सचिव शिखा राजपूत तिवारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सहभागिता की।
सम्मेलन में देशभर से राज्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन विशेषज्ञ पहुंचे हैं। सभी प्रतिभागी स्थानीय चुनावों से जुड़े विषयों पर चर्चा कर रहे हैं।
स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में पहल
सम्मेलन में स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा हो रही है। तकनीक के जरिए निर्वाचन प्रबंधन सुधारने पर भी जोर है।
चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ाने के विकल्पों पर विचार जारी है। राज्यों के अनुभवों से नई पहल को समझने का अवसर मिलेगा।
दो दिवसीय सम्मेलन में स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत करने से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहेंगे। दूसरे दिन नवा रायपुर के विकास और विरासत से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे।

