प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस पर रायपुर में विशेष आयोजन हुआ। महादेव घाट पर 1.25 लाख दीप प्रज्वलित किए गए। महादेव घाट दीपोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। उन्होंने खारुन मैया की महाआरती में भी सहभागिता की।
इस दौरान प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री के स्वस्थ जीवन की कामना की गई। दीपों की रोशनी से खारुन नदी का तट जगमगा उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक भी मौजूद रहे।
खारुन तट पर रोशन हुआ महादेव घाट
महादेव घाट पर आयोजित विराट दीपोत्सव में सवा लाख दीप जलाए गए। एक साथ दीप प्रज्वलित होने से पूरा परिसर रोशनी से भर गया।
साध्वी प्रज्ञा भारती और आचार्यों ने विधि-विधान से महाआरती कराई। मुख्यमंत्री साय ने भी इसमें सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित गीत का विमोचन भी हुआ। यह गीत साध्वी प्रज्ञा भारती ने रचा और स्वरबद्ध किया है।
महादेव घाट दीपोत्सव में दिखी बड़ी जनभागीदारी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। दीप प्रज्वलन को प्रधानमंत्री के प्रति शुभकामनाओं से जोड़ा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीप आशा और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने इसे सकारात्मकता और प्रकाश से भी जोड़ा।
राजधानी के अलग-अलग स्थानों पर भी दीप प्रज्वलित किए गए। मुख्यमंत्री के अनुसार करीब 32 लाख दीपों के जरिए शुभकामनाएं व्यक्त की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री के लिए की मंगलकामना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र और जनसेवा को अपने जीवन का आधार बनाया है।
उन्होंने विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों का जिक्र किया। गरीबों के लिए आवास और अन्य सुविधाओं की भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए बदलावों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने देश में हुए कई बड़े बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने अनुच्छेद 370 और अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े विषयों पर बात की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। विकास और जनकल्याण की गति बढ़ने की बात भी कही गई।
मुख्यमंत्री ने भारत की वैश्विक भूमिका का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार देश विश्व मंच पर अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
बस्तर में विकास को लेकर सीएम ने कही बात
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ और बस्तर के विकास पर भी चर्चा की। उन्होंने दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया।
सड़क और बिजली के साथ मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ने की बात कही गई। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी उल्लेख हुआ।
बस्तर की प्राकृतिक संपदा और पर्यटन को रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया गया। वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
जनसेवा के 25 वर्ष पर सेवा संकल्प अभियान
प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर अभियान शुरू हुआ। ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में भी इस अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियां होंगी। स्वच्छता, स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े कार्यों पर जोर दिया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता भी अभियान का हिस्सा होगी। मुख्यमंत्री ने लोगों से इसमें भाग लेने की अपील की।
दीपोत्सव के प्रमुख तथ्य
- महादेव घाट पर 1.25 लाख दीप प्रज्वलित हुए।
- खारुन मैया की भव्य महाआरती हुई।
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सहभागिता की।
- बड़ी संख्या में नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।
सेवा संकल्प अभियान के प्रमुख क्षेत्र
- स्वच्छता और स्वास्थ्य गतिविधियां।
- पोषण और पर्यावरण संरक्षण।
- जरूरतमंदों की सहायता।
- जनभागीदारी से जनकल्याण के कार्य।
दीपों के जरिए दिया गया शुभकामना संदेश
महादेव घाट दीपोत्सव में जलाए गए दीपों को सामूहिक शुभकामनाओं का प्रतीक बताया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीप भारतीय संस्कृति में प्रकाश का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि हर दीप प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना से जुड़ा है। साथ ही, इसे सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से भी जोड़ा गया।
आयोजन में स्वयंसेवकों और आयोजकों की भूमिका भी रही। नागरिकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप दिया।
महादेव घाट दीपोत्सव में हुई खारुन मैया की महाआरती
खारुन नदी के तट पर महाआरती के दौरान धार्मिक माहौल बना रहा। मुख्यमंत्री ने आचार्यों के साथ आरती में सहभागिता की।
महादेव घाट दीपोत्सव के दौरान दीपों की रोशनी और महाआरती आकर्षण का केंद्र रही। आयोजन में प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की गई।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर रायपुर के महादेव घाट में भव्य आयोजन हुआ। सवा लाख दीपों से खारुन तट रोशन हुआ। साथ ही, महाआरती और जनभागीदारी के जरिए सामूहिक शुभकामनाएं व्यक्त की गईं।

