ज्ञानेश कुमार पर CJP का 48 घंटे अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी

CG DARSHAN
CG DARSHAN 4 Min Read
4 Min Read
Advertisement Carousel

दिल्ली में सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ बड़ा विरोध दर्ज कराया है। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई गई है। संगठन ने इसके लिए 48 घंटे का समय दिया है। समय सीमा पूरी होने पर देशभर में आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रेस वार्ता की। इस दौरान संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कई आरोप लगाए। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। हालांकि, ये आरोप CJP की ओर से लगाए गए हैं।

48 घंटे में इस्तीफे की मांग

CJP ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को 48 घंटे के भीतर पद छोड़ना चाहिए। संगठन ने ऐसा नहीं होने पर देशभर में प्रदर्शन की चेतावनी दी है। दीपके ने आंदोलन को पहले हुए जंतर मंतर प्रदर्शन से जोड़कर बताया। उन्होंने इसे बड़े आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की बात कही।

CJP ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। संगठन ने SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर आपत्ति जताई है। पार्टी का दावा है कि मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। इन आंकड़ों को लेकर स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि और CJP के दावों में अंतर हो सकता है।

CJP ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

संगठन ने अपनी प्रेस वार्ता में तीन प्रमुख मांगें सामने रखीं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा भी शामिल है। इसके अलावा आगामी चुनावों को रोकने और SIR प्रक्रिया को फ्रीज करने की मांग की गई।

CJP की ओर से रखी गई मांगों में प्रमुख बिंदु ये हैं:

  • मुख्य चुनाव आयुक्त से तत्काल इस्तीफे की मांग।
  • आगामी चुनावों को फिलहाल रोकने की मांग।
  • SIR प्रक्रिया को फ्रीज करने की मांग।
  • 2023 में लागू नियुक्ति व्यवस्था को लेकर बदलाव की मांग।

मतदाता सूची को लेकर उठे सवाल

ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग SIR से जुड़े काम कर रहा है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR-2026 से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध है।

CJP ने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के आंकड़ों का भी जिक्र किया। हालांकि, इन आंकड़ों को CJP के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

चुनाव आयोग ने दूसरी ओर आंतरिक मतभेदों से जुड़े आरोपों पर अपना पक्ष रखा है। आयोग ने कहा है कि अलग-अलग राय और लिखित टिप्पणियां सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को सर्वसम्मति से लिया जाना बताया है।

आंदोलन की चेतावनी से बढ़ी राजनीतिक हलचल

CJP प्रवक्ता सौरव दास ने युवाओं से लोकतांत्रिक सुधारों में भाग लेने की अपील की। संगठन ने अपने आंदोलन को देशव्यापी बनाने की बात कही है। अब सभी की नजरें 48 घंटे की समय सीमा पर टिकी हैं।

ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। चुनाव आयोग के अनुसार उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें CEC के रूप में पदभार संभाला था।

इस पूरे विवाद में CJP के आरोप और चुनाव आयोग का पक्ष अलग-अलग हैं। इसलिए मतदाता सूची से जुड़े आंकड़ों को आधिकारिक रिकॉर्ड के साथ देखना जरूरी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

यह भी पढ़े:  ट्रंप मीडिया बैन पर कोर्ट का बड़ा आदेश, CNN समेत 3 चैनलों को राहत  

Share This Article
Leave a comment