स्कूलों के आसपास बिकने वाले खाद्य पदार्थों को लेकर नियम बदल सकते हैं।
FSSAI ने इस संबंध में नया ड्राफ्ट जारी किया है।
इसका उद्देश्य बच्चों के लिए सुरक्षित और संतुलित भोजन तय करना है।
FSSAI जंक फूड नियम में पोषण सामग्री को आधार बनाया जाएगा।
नए प्रस्ताव में नमक, अतिरिक्त चीनी और अतिरिक्त फैट पर जोर है।
खाद्य पदार्थों की मात्रा देखकर उनकी श्रेणी तय होगी।
हालांकि, अभी किसी खास उत्पाद को सीधे प्रतिबंधित नहीं किया गया है।
अंतिम नियम बनने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
50 मीटर के दायरे में क्यों बदलेगा फोकस?
मौजूदा व्यवस्था में स्कूल परिसर पर विशेष प्रतिबंध हैं।
स्कूल कैंटीन, मेस और हॉस्टल भी इसके दायरे में आते हैं।
स्कूल के आसपास 50 मीटर क्षेत्र पर भी नियम लागू हैं।
बच्चों को लक्षित करने वाले विज्ञापनों पर भी रोक है।
अब नए ड्राफ्ट से खाद्य पदार्थों की पहचान आसान होगी।
इसके लिए पोषण संबंधी तय सीमाओं का इस्तेमाल किया जाएगा।
इससे निगरानी करने वाली एजेंसियों को स्पष्ट आधार मिल सकता है।
वहीं, अंतिम फैसला ड्राफ्ट प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगा।
FSSAI जंक फूड नियम में पोषण की सीमा
प्रस्तावित नियमों में ठोस और तरल खाद्य अलग रखे गए हैं।
ठोस भोजन में अतिरिक्त फैट की सीमा 4.2 ग्राम है।
तरल पदार्थ में यह सीमा 1.5 ग्राम प्रति 100 मिलीलीटर है।
अतिरिक्त चीनी के लिए भी अलग सीमा तय की गई है।
ठोस खाद्य में 3 ग्राम से अधिक अतिरिक्त चीनी अधिक मानी जाएगी।
तरल खाद्य में यह सीमा 2 ग्राम प्रति 100 मिलीलीटर है।
नमक के लिए भी अलग पोषण सीमा प्रस्तावित है।
ये मान भारतीय आहार संबंधी दिशा-निर्देशों से जुड़े हैं।
FSSAI जंक फूड नियम कैसे तय करेगा खाद्य श्रेणी?
नए प्रस्ताव का आधार केवल खाद्य पदार्थ का नाम नहीं होगा।
उसमें मौजूद पोषण तत्वों की मात्रा देखी जाएगी।
इससे चिप्स या बिस्किट जैसे नाम अपने आप निर्णायक नहीं होंगे।
उत्पाद की वास्तविक पोषण संरचना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इसलिए अभी किसी उत्पाद को अंतिम रूप से प्रतिबंधित कहना सही नहीं है।
पहले ड्राफ्ट पर सुझाव और आपत्तियां ली जाएंगी।
इसके बाद नियमों में आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।
फिर अंतिम अधिसूचना के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
स्कूलों और खाद्य कारोबारियों पर क्या असर होगा?
नियम अंतिम होने पर स्कूलों को नई जानकारी अपनानी होगी।
कैंटीन और भोजन उपलब्ध कराने वालों को भी इसका पालन करना होगा।
स्कूल कर्मचारियों के लिए मार्गदर्शन और प्रशिक्षण दिया जा सकता है।
राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अभी क्या स्पष्ट नहीं है?
- अनिवार्य हेल्दी मेन्यू की अंतिम सूची अभी तय नहीं है।
- प्रतिबंधित उत्पादों की अंतिम सूची भी अभी सामने नहीं आई है।
- नए पोषण मानकों का अंतिम रूप अभी बाकी है।
- नियम लागू करने की निश्चित अंतिम तारीख भी तय नहीं है।
ड्राफ्ट प्रक्रिया में आगे क्या होगा?
- FSSAI प्रस्ताव पर हितधारकों से सुझाव ले रहा है।
- प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद बदलाव संभव हैं।
- अंतिम नियम आने पर खाद्य श्रेणियां अधिक स्पष्ट होंगी।
- इसके बाद राज्यों को निगरानी संबंधी दिशा-निर्देश मिल सकते हैं।
FSSAI जंक फूड नियम फिलहाल प्रस्ताव के स्तर पर हैं।
इसलिए इन्हें अंतिम प्रतिबंध के रूप में देखना उचित नहीं होगा।
ड्राफ्ट का मुख्य उद्देश्य पोषण आधारित स्पष्टता लाना है।
इससे स्कूलों के आसपास खाद्य पदार्थों की निगरानी आसान हो सकती है।
अंतिम नियम आने के बाद ही वास्तविक बदलाव स्पष्ट होंगे।

