रायपुर में वंदे मातरम् गायन से गूंजा विद्यालय, सीएम साय ने बच्चों संग गाया राष्ट्रगीत

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रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में शुक्रवार को विशेष आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों के साथ इसमें हिस्सा लिया। वंदे मातरम् गायन के दौरान विद्यालय परिसर में देशभक्ति का माहौल नजर आया। कार्यक्रम गीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया था।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों, आचार्यों और नागरिकों के साथ सामूहिक रूप से गीत प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के विकास के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम में शिक्षा, अनुशासन और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई।

25 सितंबर 2026 को देशभर में सामूहिक गायन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्या भारती से जुड़े संस्थानों में भी निर्धारित समय पर आयोजन हुए।

राष्ट्र चेतना से जुड़ा बताया गया गीत

मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् देश की राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका का उल्लेख किया। उनके अनुसार, गीत ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोगों को प्रेरणा दी।

उन्होंने 150 वर्ष पूरे होने के अवसर को इतिहास याद करने से जोड़ा। साथ ही उन्होंने नई पीढ़ी को नागरिक जिम्मेदारियों से जोड़ने की बात कही। विद्यार्थियों को देश और समाज के प्रति अपने दायित्व समझने का संदेश दिया।

वंदे मातरम् गायन से विद्यार्थियों को मिला संदेश

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने की अपील की। उन्होंने लक्ष्य तय करके पूरी मेहनत करने की बात कही। विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार भविष्य की दिशा तय करने का संदेश मिला।

उन्होंने कहा कि सफलता के लिए लगातार प्रयास जरूरी है। अनुशासन और ईमानदारी के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए। विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा का उपयोग समाज के हित में करने की सलाह दी गई।

शिक्षा सुविधाओं के विस्तार पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। शहरों के साथ दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी अवसर देने की बात कही गई। विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक संसाधनों का विस्तार करने पर जोर है।

उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर भी जानकारी साझा की। दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वहां पढ़ रहे छत्तीसगढ़ के 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास की है।

शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों में संस्कार और अनुशासन विकसित होना भी जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।

उनके अनुसार, शिक्षक विद्यार्थियों को ज्ञान देने के साथ सही दिशा देते हैं। इससे बच्चों के व्यक्तित्व और जिम्मेदारी की भावना का विकास होता है।

वंदे मातरम् गायन के बीच बड़ा सपना देखने की सीख

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य स्पष्ट करने की सलाह दी। उन्होंने कलेक्टर, एसपी, डॉक्टर और इंजीनियर बनने जैसे उदाहरण दिए। साथ ही उन्होंने लक्ष्य के लिए नियमित तैयारी पर जोर दिया।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी व्यक्तिगत सफलता को समाज से जोड़ने को कहा। उनके अनुसार, ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग देश और समाज की सेवा में होना चाहिए।

छत्तीसगढ़ में भी बड़े स्तर पर हुआ आयोजन

कार्यक्रम में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में करीब 1500 स्थानों पर सामूहिक कार्यक्रम हुए। इसमें लगभग पांच लाख लोगों की सहभागिता की जानकारी दी गई। देशभर में भी बड़े स्तर पर आयोजन किए गए।

रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। बड़ी संख्या में विद्यार्थी और विद्यालय परिवार के सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम से जुड़े प्रमुख बिंदु

  • मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ सामूहिक गायन किया।
  • विद्यालय विकास के लिए 50 लाख रुपये की घोषणा हुई।
  • विद्यार्थियों को लक्ष्य तय करने का संदेश दिया गया।
  • शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन पर जोर रहा।

युवाओं के लिए मुख्यमंत्री का संदेश

  • बड़े सपने देखकर लक्ष्य तय करने की अपील की गई।
  • नियमित मेहनत को सफलता का जरूरी आधार बताया गया।
  • दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया गया।
  • विद्यार्थियों को समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी समझने को कहा गया।

 

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