रायपुर में यूथ इनोवेशन कॉन्क्लेव का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित हुआ। राज्यपाल रमेन डेका ने युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं से नौकरी तक सीमित नहीं रहने को कहा। साथ ही, उन्होंने विचारों को उद्यम में बदलने की बात कही।
राज्यपाल ने कहा कि अच्छा विचार सही दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इसके लिए मार्गदर्शन और तकनीक की जरूरत होती है। सही प्रयास से विचार सफल स्टार्टअप बन सकता है। इससे रोजगार के नए अवसर भी तैयार हो सकते हैं।
युवाओं में नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर
राज्यपाल ने हर क्षेत्र में नवाचार की जरूरत बताई। उन्होंने कृषि क्षेत्र को इसके लिए अहम बताया। छत्तीसगढ़ में कृषि से जुड़े नए प्रयोगों की संभावना है। नई तकनीक से उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने खाद्य उत्पादन में आत्मनिर्भरता को भी जरूरी बताया। खाद्य जरूरतें पूरी होने से विकास पर ध्यान बढ़ सकता है। इसके लिए नए प्रयोग और आधुनिक तकनीक अपनाना जरूरी है।
स्थानीय संसाधनों से नए अवसर तैयार करने की पहल
राज्यपाल ने स्थानीय संसाधनों को अवसरों से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कृषि और वनोपज का विशेष उल्लेख किया। खाद्य प्रसंस्करण में भी युवाओं के लिए अवसर हैं। मिलेट और जैविक खेती में संभावनाएं बढ़ रही हैं।
पशुपालन और जनजातीय उत्पाद भी महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। कृषि के साथ जैव-प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाया जा सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर नए उद्यम तैयार हो सकते हैं।
किसानों के लिए उपयोगी नवाचार पर फोकस
राज्यपाल ने किसानों से जुड़े नवाचारों पर जोर दिया। उन्होंने लागत कम करने वाले उपायों की जरूरत बताई। उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाना भी जरूरी बताया गया। फसल नुकसान कम करने पर भी ध्यान देना चाहिए।
बेहतर बाजार मिलने से किसानों को लाभ हो सकता है। उन्होंने किचन गार्डन और बाड़ी को बढ़ावा देने की बात कही। ऐसी पहल परिवारों की आय में भी मदद कर सकती है।
यूथ इनोवेशन कॉन्क्लेव में स्टार्टअप योजना पर जोर
राज्यपाल ने युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने से पहले तैयारी की सलाह दी। उन्होंने बाजार का सर्वेक्षण करने की बात कही। उत्पाद की मांग समझना भी जरूरी बताया गया। बाजार की संभावनाओं के आधार पर योजना बनानी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट रोडमैप तैयार करने पर भी जोर दिया। साथ ही, प्रबंधन और वित्तीय समझ को जरूरी बताया। प्रशिक्षण और कौशल विकास से युवाओं को मदद मिल सकती है।
बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण हुआ। यह केंद्र जैव-प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार को बढ़ावा देगा। शोधकर्ताओं और उद्यमियों को इससे नई सुविधाएं मिल सकती हैं।
केंद्र में आधुनिक प्रयोगशाला और परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां इनक्यूबेशन और तकनीकी मार्गदर्शन भी मिलेगा। इसका उद्देश्य तकनीक को उद्यम से जोड़ना है।
युवा उद्यमियों के स्टॉल का किया अवलोकन
राज्यपाल ने युवा नवाचारी उद्यमियों के स्टॉल देखे। उन्होंने उनके उत्पादों और विचारों की जानकारी ली। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े युवा शामिल हुए।
कृषि, तकनीक और जैव-प्रौद्योगिकी से जुड़े विचार सामने आए। इससे युवाओं को अपने नवाचार प्रस्तुत करने का मंच मिला।
कौशल और उद्यमिता को बताया जरूरी
राज्यपाल ने शिक्षा के साथ कौशल विकास पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं में उद्यमिता की सोच विकसित करने की बात कही। इससे युवा अपनी आय बढ़ा सकते हैं। साथ ही, वे दूसरों के लिए रोजगार भी तैयार कर सकते हैं।
कार्यक्रम में विधायक अनुज शर्मा भी मौजूद रहे। आईजीकेवी कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल भी शामिल हुए। आईआईटी भिलाई और एनआईटी रायपुर के प्रतिनिधि पहुंचे। नाबार्ड अधिकारी, वैज्ञानिक और शोधकर्ता भी उपस्थित रहे।
नवाचार से रोजगार के नए अवसर
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नवाचार से जोड़ना रहा। स्टार्टअप और तकनीकी विचारों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। स्थानीय जरूरतों पर आधारित उद्यमों को भी महत्व दिया गया।
कुल मिलाकर, आयोजन में युवाओं को नए विचारों पर काम करने का संदेश मिला। इसके साथ ही, तकनीक और कौशल को उद्यम से जोड़ने पर जोर दिया गया।

