सुकमा बाढ़ में 300 परिवारों को 10 हजार मदद

CG DARSHAN
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सुकमा बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे। उन्होंने शबरीनगर, श्रीनगर और लाइनपारा का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने परिवारों से बातचीत कर उनकी परेशानियां जानीं।

उन्होंने राहत और स्वास्थ्य शिविरों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों को हर संभव मदद का भरोसा दिया।

राहत शिविर में खुद भोजन परोसा

मुख्यमंत्री शबरीनगर के राहत शिविर में पहुंचे। उन्होंने वहां रह रहे प्रभावित परिवारों से बातचीत की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने लोगों को स्वयं भोजन परोसा।

उन्होंने परिवारों से उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों को जरूरी सुविधाएं बनाए रखने के निर्देश दिए। प्रभावित लोगों को जल्द सहायता देने पर भी जोर दिया।

300 परिवारों को मिलेगी 10 हजार रुपये की मदद

सुकमा बाढ़ से प्रभावित करीब 300 परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक परिवार को 10 हजार रुपये दिए जाएंगे।

यह राशि आरबीसी 6-4 के तहत मिलने वाली सहायता से अलग होगी। मुख्यमंत्री ने घरेलू सामान के नुकसान को देखते हुए यह निर्देश दिया। पात्र परिवारों तक सहायता जल्द पहुंचाने को कहा गया।

नुकसान का जल्द होगा आकलन

मुख्यमंत्री ने क्षतिग्रस्त मकानों और सामान का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को नुकसान का प्राथमिकता से सर्वे करने को कहा। पात्र परिवारों को नियमानुसार मुआवजा देने के निर्देश दिए।

आरबीसी 6-4 के तहत मिलने वाली क्षतिपूर्ति जल्द देने पर जोर रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहायता प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

कोंटा में 19 राहत केंद्र बनाए गए

कोंटा क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति देखी। लगातार बारिश के कारण शबरी नदी का जलस्तर बढ़ा था। इससे नदी किनारे के कई इलाकों में पानी भर गया था।

कोंटा नगर पालिका के चार वार्ड भी प्रभावित हुए। प्रभावित लोगों के लिए 19 राहत केंद्र बनाए गए हैं। यहां भोजन, पेयजल और ठहरने की व्यवस्था की गई है।

स्वास्थ्य सेवाओं को रखा गया सक्रिय

बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य टीमें लगातार काम कर रही हैं। लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। जलजनित बीमारियों की रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन कराया जा रहा है। प्रभावित इलाकों में स्वच्छता संबंधी उपाय भी किए जा रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों को सूखा राशन और गर्म कपड़े मिल रहे हैं।

राहत के बाद पुनर्वास पर जोर

मुख्यमंत्री ने राहत के साथ पुनर्वास कार्य तेज करने को कहा। उन्होंने प्रभावित परिवारों को सामान्य जीवन में लौटाने की बात कही। प्रशासन को हर पात्र परिवार तक सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।

सुकमा बाढ़ के बाद क्षति आकलन और सहायता वितरण महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने पूरी प्रक्रिया संवेदनशीलता से पूरी करने को कहा। उन्होंने किसी पात्र परिवार के छूटने की स्थिति नहीं बनने देने पर जोर दिया।

सरकार ने प्रभावित परिवारों को दिया भरोसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार संकट के समय प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। राहत और पुनर्वास में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को जरूरत के अनुसार तत्काल कदम उठाने को कहा गया।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

 

 

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