भारतीय खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन किया। कंपाउंड तीरंदाजी के पुरुष टीम फाइनल में भारत ने चीन को हराया। भारतीय टीम ने 238-237 के अंतर से मुकाबला जीता। साहिल जाधव, कुशल दलाल और गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु टीम में शामिल थे।
भारत की शुरुआत थोड़ी दबाव वाली रही। चीन ने पहले चरण में दो अंकों की बढ़त बनाई। दूसरे चरण के बाद भी चीन 120-118 से आगे था। तीसरे चरण में भारत ने अंतर घटाकर एक अंक कर दिया। स्कोर 179-178 रहा।
इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार वापसी की। अंतिम चरण में टीम ने लगातार सटीक निशाने लगाए। चीन की टीम भी दबाव में कई महत्वपूर्ण शॉट से चूकी। आखिर में भारत ने 238 अंक बनाए। चीन 237 अंक तक ही पहुंच सका।
आखिरी चरण में पलटा पूरा मुकाबला
फाइनल का आखिरी चरण बेहद रोमांचक रहा। भारत ने शुरुआत में लगातार परफेक्ट 10 लगाए। चीन ने भी मुकाबले को बराबरी पर रखने की कोशिश की। भारतीय टीम ने अंतिम शॉट तक धैर्य बनाए रखा।
साहिल जाधव ने फाइनल में शानदार सटीकता दिखाई। कुशल दलाल और गणेश ने भी दबाव के बीच बेहतरीन निशाने लगाए। तीनों खिलाड़ियों ने मिलकर भारत को स्वर्ण दिलाया।
तीन टीम इवेंट में भारत का स्वर्ण
कंपाउंड तीरंदाजी में भारत ने तीनों टीम इवेंट में स्वर्ण जीता। महिला टीम ने चीन को 238-234 से हराया। टीम में ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिथा तानिपर्थी और पृथिका प्रदीप थीं। महिला टीम का स्कोर विश्व रिकॉर्ड के बराबर रहा।
मिश्रित टीम में चिकिथा तानिपर्थी और साहिल जाधव ने कमाल किया। दोनों ने दक्षिण कोरिया को शूटऑफ में हराया। मुकाबला 157-157 की बराबरी पर पहुंचा था। शूटऑफ में भारत ने 20-19 से जीत दर्ज की। इस जीत से भारत को लॉस एंजिल्स 2028 के लिए कोटा भी मिला।
भारतीय टीम की गोल्ड हैट्रिक
भारत ने एक ही दिन तीन टीम स्वर्ण अपने नाम किए। पुरुष टीम की जीत ने इस अभियान को पूरा किया। इससे भारतीय तीरंदाजी दल का प्रदर्शन और मजबूत हुआ।
- पुरुष टीम ने चीन को 238-237 से हराया।
- महिला टीम ने चीन को 238-234 से मात दी।
- मिश्रित टीम ने दक्षिण कोरिया को शूटऑफ में हराया।
- भारत ने तीनों टीम इवेंट में स्वर्ण हासिल किया।
एशियन गेम्स में बढ़ा भारत का दबदबा
कंपाउंड तीरंदाजी में भारत ने लगातार मजबूत प्रदर्शन दिखाया। पुरुष टीम ने पिछला खिताब भी बरकरार रखा। महिला टीम ने भी अपना खिताब बचाया। मिश्रित टीम की जीत से ओलंपिक कोटा भी हासिल हुआ।
इस प्रदर्शन में युवा खिलाड़ियों की भूमिका खास रही। साहिल, कुशल और गणेश ने बड़े मुकाबले में संयम दिखाया। अंतिम चरण में उनके सटीक निशाने निर्णायक साबित हुए।
एक दिन में चार स्वर्ण की चमक
तीरंदाजी के तीन स्वर्ण से पहले भारत ने शूटिंग में भी गोल्ड जीता। नीरू ढांडा और किनान चेनाई ने मिक्स्ड ट्रैप में स्वर्ण हासिल किया। इस तरह भारत के लिए दिन की शुरुआत बेहद शानदार रही।
भारतीय दल ने अलग-अलग खेलों में लगातार पदक जीते हैं। तीरंदाजी के तीन स्वर्ण ने पदक अभियान को नई मजबूती दी। अब नजर व्यक्तिगत कंपाउंड मुकाबलों पर भी रहेगी।
भारत की नजर अब व्यक्तिगत मुकाबलों पर
टीम इवेंट में सफलता के बाद भारतीय खिलाड़ी व्यक्तिगत मुकाबलों में उतरेंगे। गणेश मणि रत्नम और चिकिथा तानिपर्थी की नजर आगे के मुकाबलों पर है। टीम की सफलता से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
एशियन गेम्स में भारत का कंपाउंड तीरंदाजी अभियान अब अगले चरण में पहुंच चुका है। टीम इवेंट में तीन स्वर्ण के बाद व्यक्तिगत मुकाबले अहम होंगे। भारतीय खिलाड़ी इस प्रदर्शन को आगे भी जारी रखना चाहेंगे।

