मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 30 सितंबर को कैबिनेट बैठक हुई। अग्निवीर आरक्षण के साथ शिक्षा और सिनेमा से जुड़े फैसले भी लिए गए। बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित हुई।
सरकारी महाविद्यालयों की संशोधित अतिथि व्याख्याता नीति को कार्योत्तर मंजूरी मिली। नई व्यवस्था में मेरिट से जुड़े नियमों को स्पष्ट किया गया है। समान अंक होने पर छत्तीसगढ़ के मूल निवासी को वरीयता मिलेगी।
राजकीय विश्वविद्यालय का अनुभव भी माना जाएगा
नई नीति में अध्यापन अनुभव को लेकर भी बदलाव किया गया है। अधिकतम 30 अनुभव अंकों की व्यवस्था जारी रहेगी। राजकीय विश्वविद्यालय में पांच महीने पढ़ाने पर पांच अंक मिलेंगे।
यह प्रावधान एक शैक्षणिक सत्र में पूरा किए गए अध्यापन पर लागू होगा। इससे विश्वविद्यालयों में अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा।
विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं को पुनर्नियोजन का अवसर
कैबिनेट ने विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं के अनुभव का उपयोग करने का फैसला किया है। उन्हें रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर दिया जाएगा।
इसके अलावा मानदेय व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब कालखंड की जगह कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था होगी। कार्य-दायित्व और कार्य-अवधि भी स्पष्ट की गई है।
‘हनुमान अंश’ फिल्म पर SGST प्रतिपूर्ति
फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री करने से जुड़े आदेश का भी अनुसमर्थन हुआ। मुख्यमंत्री ने 10 सितंबर को फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा की थी।
इसके तहत सिनेमाघरों को SGST के बराबर राशि की प्रतिपूर्ति होगी। वाणिज्यिक कर विभाग ने इसके लिए आदेश जारी किया था।
पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण
अग्निवीर आरक्षण को लागू करने के लिए भर्ती नियमों को मंजूरी दी गई है। राज्य की तृतीय श्रेणी सिविल सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।
इसका लाभ संबंधित विभागों के निर्धारित पदों पर मिलेगा। इनमें पुलिस विभाग का आरक्षक पद शामिल है। वन विभाग में वनरक्षक पद भी इसके दायरे में रहेगा।
जेल प्रहरी पद पर भी मिलेगा लाभ
पूर्व अग्निवीरों के लिए जेल विभाग में भी आरक्षण लागू होगा। जेल प्रहरी पद को इसके दायरे में शामिल किया गया है।
नए नियमों में नियुक्ति और सेवा शर्तें तय की गई हैं। साथ ही भर्ती के मापदंड और चयन प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है।
भर्ती प्रक्रिया के लिए नियम हुए स्पष्ट
अग्निवीर आरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम-2026 बनाए गए हैं। कैबिनेट ने इन नियमों को मंजूरी दी है।
इन नियमों के लागू होने से विभागों में भर्ती प्रक्रिया का ढांचा स्पष्ट होगा। पात्र अभ्यर्थियों के चयन में निर्धारित नियमों का पालन किया जाएगा।
कैबिनेट के फैसलों में तीन प्रमुख क्षेत्र
बैठक में लिए गए फैसलों का असर अलग-अलग क्षेत्रों पर पड़ेगा।
- अतिथि व्याख्याता नीति में मेरिट और अनुभव के नियम स्पष्ट हुए।
- ‘हनुमान अंश’ के प्रदर्शन पर SGST प्रतिपूर्ति का रास्ता साफ हुआ।
- पूर्व अग्निवीरों की भर्ती के लिए नए नियमों को मंजूरी मिली।
- पुलिस, वन और जेल विभाग के संबंधित पदों में आरक्षण लागू होगा।
शिक्षा और रोजगार से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव
कैबिनेट के निर्णयों में शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। अतिथि व्याख्याताओं के अनुभव और मानदेय को लेकर नियम स्पष्ट किए गए।
पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती प्रक्रिया भी तय हुई। अग्निवीर आरक्षण से जुड़े नियम अब संबंधित विभागों में लागू किए जाएंगे।
आगे संबंधित विभाग करेंगे प्रक्रिया पूरी
इन फैसलों के बाद संबंधित विभागों को आगे की कार्रवाई करनी होगी। अतिथि व्याख्याता नीति के अनुसार नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
वहीं पूर्व अग्निवीरों की भर्ती निर्धारित नियमों के अनुसार होगी। फिल्म से जुड़ी SGST प्रतिपूर्ति भी विभागीय प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

