सारंगढ़ के झारियापारा में आंगनबाड़ी केंद्र पर विशेष आयोजन हुआ।सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मातृ-शिशु स्वास्थ्य और पोषण पर चर्चा हुई।राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा इसमें शामिल हुए।स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी सहभागिता की।
दोनों मंत्रियों ने महिलाओं और बच्चों के साथ समय बिताया।उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र की गतिविधियों का जायजा भी लिया।कार्यक्रम में सुपोषण जागरूकता को लेकर कई संदेश दिए गए।
साथ ही, परिवार की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया गया।
सुपोषण जागरूकता के बीच हुई गोदभराई
समारोह में गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोदभराई हुई।मंत्रियों ने इस रस्म में शामिल होकर माताओं को शुभकामनाएं दीं।
इसके बाद महिलाओं को पोषण किट वितरित किए गए।मंत्रियों ने गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य देखभाल की बात कही।
उन्होंने महिलाओं को संतुलित आहार लेने के लिए प्रेरित किया।शिशु के जन्म के बाद पोषण पर भी ध्यान देने की अपील की।
उन्होंने इसे पूरे परिवार की साझा जिम्मेदारी बताया।
सुपोषण जागरूकता से बच्चों के विकास पर जोर
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी के बच्चों ने भी उत्साह दिखाया।मंत्रियों ने बच्चों के बीच बैठकर उनसे बातचीत की।उन्होंने पढ़ाई और खेल-कूद से जुड़े सवाल पूछे।
बच्चों ने भी अतिथियों का उत्साह के साथ स्वागत किया।आंगनबाड़ी की दैनिक गतिविधियों के बारे में भी चर्चा हुई।इससे बच्चों के साथ सहज संवाद का माहौल बना।
पूरे केंद्र में उत्साह और आत्मीयता नजर आई।
स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी
महिला एवं बाल विकास विभाग ने खाद्य प्रदर्शनी लगाई।इसमें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक सामग्री शामिल रही।
पारंपरिक व्यंजनों को भी प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया।मंत्रियों ने विभिन्न खाद्य पदार्थों का अवलोकन किया।
उन्होंने उनके पोषण मूल्य की जानकारी भी ली। स्थानीय भोजन को संतुलित आहार से जोड़ने पर जोर दिया गया।
आंगनबाड़ी और समुदाय के बीच मजबूत होगा संबंध
आयोजन का उद्देश्य सिर्फ सरकारी योजनाओं की जानकारी देना नहीं था।इसके जरिए आंगनबाड़ी और स्थानीय समुदाय को जोड़ने का प्रयास हुआ।
महिलाओं को संतुलित भोजन के महत्व की जानकारी दी गई।गर्भावस्था के दौरान सही देखभाल के बारे में बताया गया।बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी चर्चा हुई।
सुपोषण जागरूकता के जरिए स्वस्थ परिवार का संदेश दिया गया।
परिवार की भूमिका पर भी दिया गया जोर
बच्चे के बेहतर विकास में परिवार की भूमिका अहम है।गर्भावस्था से ही मां के स्वास्थ्य पर ध्यान जरूरी है।
संतुलित आहार से मां और बच्चे को लाभ मिलता है।जन्म के बाद भी बच्चे के पोषण की निगरानी जरूरी है।
ऐसे कार्यक्रमों से स्थानीय स्तर पर संवाद बढ़ता है।साथ ही, सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचती है।
सुपोषण जागरूकता को जनभागीदारी से मजबूत करने का प्रयास होता है।कार्यक्रम में रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया भी मौजूद रहे।
कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और जिला पंचायत अध्यक्ष उपस्थित रहे।महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और बड़ी संख्या में बच्चे पहुंचे।

