छत्तीसगढ़ के शहरी आवास अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। राज्य को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) पुरस्कार-2026 के लिए आमंत्रित किया गया है। यह उपलब्धि राज्य के आवास प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाएगी।
भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) पुरस्कार-2026 समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह समारोह 5 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार ने पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने पर विशेष जोर दिया है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और राज्य शहरी विकास अभिकरण योजना के क्रियान्वयन को मजबूत कर रहे हैं। नगरीय निकायों के साथ समन्वय बनाकर आवास निर्माण की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
शहरी आवास अभियान को मिली राष्ट्रीय पहचान
शहरी आवास अभियान के तहत आवास स्वीकृति से लेकर निर्माण पूरा होने तक विभिन्न स्तरों पर निगरानी की जा रही है। निर्माण की गुणवत्ता और काम की गति पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसके अलावा, लंबित आवासों को जल्द पूरा कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों को जरूरी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने पर भी सरकार का फोकस है।
योजना का उद्देश्य केवल पक्के मकान उपलब्ध कराना नहीं है। पक्का घर गरीब परिवारों को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर जीवन का आधार देता है। इससे बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर वातावरण तैयार होता है।
शहरी आवास अभियान के क्रियान्वयन में सहभागिता
योजना की सफलता में नगरीय निकायों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और तकनीकी अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हितग्राहियों की भागीदारी ने भी योजना को जमीन पर प्रभावी बनाने में मदद की है।
पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री अरुण साव शामिल होंगे। उनके साथ प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और राज्य शहरी विकास अभिकरण के सीईओ सुमित अग्रवाल भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
शहरी आवास अभियान के लिए मिला यह आमंत्रण राज्य के सामूहिक प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ के शहरी आवास मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

