जशपुर, 26 अगस्त 2026। फरसाबहार विकासखंड के पंडरीपानी में रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यहां बहनों से संवाद किया। इस दौरान महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने भी बहनों को उपहार देकर स्नेह जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और आत्मनिर्भरता प्रदेश के विकास की मजबूत नींव है। सरकार महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। इसके लिए कई योजनाओं और कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जा रही है।
महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के मजबूत होने से परिवार भी मजबूत होता है। आर्थिक आत्मनिर्भरता महिलाओं को अपने फैसले लेने का भरोसा देती है। इसलिए सरकार आजीविका और कौशल विकास के अवसर बढ़ा रही है।
महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता मिल रही है। इस राशि का उपयोग महिलाएं अपनी जरूरतों और परिवार की प्राथमिकताओं के लिए कर रही हैं।
महिला सशक्तिकरण के लिए महतारी सदन
पंडरीपानी में करीब 64 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन हुआ। इसमें महतारी सदन का लोकार्पण भी शामिल रहा। यहां महिलाओं के लिए बैठक और प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
महतारी सदन महिला समूहों के लिए सामूहिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। यहां प्रशिक्षण और आजीविका से जुड़े कार्य भी संचालित किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने फरसाबहार और भेलवा में भी महतारी सदन बनाने की घोषणा की।
मुख्य बातें
- पंडरीपानी में रक्षाबंधन एवं संवाद कार्यक्रम हुआ।
- महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को राखी बांधी।
- पंडरीपानी में महतारी सदन का लोकार्पण हुआ।
- फरसाबहार और भेलवा में नए महतारी सदन बनेंगे।
- दानी मोड़ा बस्ती तक सड़क के लिए 3.23 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए।
महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक सहारा
मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। रक्षाबंधन से पहले 67 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 31वीं किस्त पहुंचाई गई।
इस दौरान 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई। सितंबर माह की राशि भी अग्रिम रूप से जारी की गई। इससे बहनें त्योहार की तैयारियां बेहतर तरीके से कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी इसका अहम लक्ष्य है। महिला सशक्तिकरण के लिए आर्थिक अवसरों का विस्तार जरूरी है।
स्व-सहायता समूहों को मिला आर्थिक संबल
कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों को सहायता राशि के चेक दिए गए। मोंगरा, वैष्णवी और चांद स्व-सहायता समूहों को 1.50-1.50 लाख रुपये मिले। प्रतिज्ञा समूह को एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई।
इन समूहों को आर्थिक सहायता से आजीविका गतिविधियां बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर आय के नए साधन विकसित होंगे। इससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और मजबूत हो सकती है।
गांवों में विकास कार्यों को मिली गति
मुख्यमंत्री ने मुख्य मार्ग से दानी मोड़ा बस्ती तक सड़क निर्माण के लिए 3.23 करोड़ रुपये की स्वीकृति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क और दूसरी सुविधाएं ग्रामीण जीवन को आसान बनाती हैं।
पंडरीपानी में विकास कार्यों के साथ महिलाओं के लिए सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं। महिला सशक्तिकरण को ग्रामीण अधोसंरचना से जोड़ने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
बेटियों के सुरक्षित भविष्य पर भी जोर
कार्यक्रम में सुकन्या समृद्धि योजना के तहत दो बालिकाओं को खाता पासबुक दी गई। मुख्यमंत्री ने बेटियों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य को प्राथमिकता बताया।
स्वामित्व योजना के तहत पांच हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख भी वितरित किए गए। इससे संबंधित परिवारों को संपत्ति से जुड़े दस्तावेजी अधिकार प्राप्त होंगे।
एक नजर में:
- दो बालिकाओं को सुकन्या समृद्धि की पासबुक मिली।
- पांच हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित किए गए।
- महिला समूहों को आर्थिक सहायता दी गई।
- पंडरीपानी में महतारी सदन का लोकार्पण हुआ।
- फरसाबहार और भेलवा में नए महतारी सदन प्रस्तावित हैं।
डिजिटल सेवाओं से सुशासन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने सरकारी सेवाओं को आसान बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। जनसमस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी शुरू की गई है।
कुल मिलाकर, पंडरीपानी का कार्यक्रम महिलाओं के सम्मान और विकास पर केंद्रित रहा। महिला सशक्तिकरण को आर्थिक आत्मनिर्भरता और आजीविका से जोड़ने पर जोर दिया गया। महतारी सदन और स्व-सहायता समूहों को मिली सहायता इसी दिशा में अहम पहल है। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को अधिक अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण की प्रक्रिया को और गति मिलने की उम्मीद है।


