जशपुर में फिजियोथेरेपी कॉलेज की शुरुआत की तैयारी

CG DARSHAN
5 Min Read
5 Min Read

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्वास्थ्य शिक्षा के नए अवसर विकसित करने की तैयारी है। कुनकुरी विकासखंड के कंडोरा गांव में फिजियोथेरेपी कॉलेज शुरू करने की योजना है। इसके लिए करीब 1.10 करोड़ रुपये से बने भवन का उपयोग किया जाएगा। इसी शैक्षणिक सत्र में 50 सीटों पर प्रवेश शुरू करने की तैयारी है।

इस पहल से जशपुर और आसपास के विद्यार्थियों को लाभ मिल सकता है। उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। साथ ही, जिले में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बढ़ाने की संभावनाएं भी बनेंगी।

कंडोरा में तैयार भवन से शुरू होगा संचालन

कंडोरा में करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से हाईस्कूल भवन बनाया गया था। हालांकि, यहां हाईस्कूल संचालन की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद उपलब्ध सरकारी भवन का दूसरे शैक्षणिक कार्य में उपयोग करने का निर्णय लिया गया।

अब इसी भवन में शुरुआती तौर पर कॉलेज संचालित करने की तैयारी है। इससे पहले से बनी अधोसंरचना का उपयोग हो सकेगा। वहीं, जिले में स्वास्थ्य शिक्षा के लिए नई सुविधा विकसित करने का अवसर मिलेगा।

50 सीटों पर प्रवेश की तैयारी से युवाओं को अवसर

प्रस्तावित संस्थान में शुरुआती तौर पर 50 सीटें रखने की योजना है। प्रवेश प्रक्रिया इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, प्रवेश शुरू होने की आधिकारिक पुष्टि और आवेदन संबंधी विवरण अलग से देखना जरूरी होगा।

इस पहल से विद्यार्थियों को स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने का विकल्प मिल सकता है। फिजियोथेरेपी में पढ़ाई के दौरान सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी महत्वपूर्ण होता है। इससे भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर विकसित हो सकते हैं।

विद्यार्थियों को मिल सकते हैं ये लाभ

  • जिले में ही स्वास्थ्य क्षेत्र की व्यावसायिक शिक्षा पाने का अवसर।
  • फिजियोथेरेपी से जुड़े प्रशिक्षण और करियर के नए विकल्प।
  • आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई की बेहतर संभावनाएं।
  • भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में मदद।

चराईडांड में 13.93 करोड़ रुपये से बनेगा स्थायी कैंपस

कॉलेज के स्थायी परिसर के लिए चराईडांड के पास योजना बनाई गई है। इस हाईटेक कैंपस के निर्माण पर करीब 13 करोड़ 93 लाख रुपये खर्च प्रस्तावित हैं। स्थायी परिसर तैयार होने तक कंडोरा के भवन में संचालन की योजना है।

आधुनिक परिसर विकसित होने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अधोसंरचना मिल सकती है। इसके साथ प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार का रास्ता भी खुलेगा। हालांकि, निर्माण की समयसीमा और सुविधाओं का विस्तृत विवरण सामने आना बाकी है।

स्थानीय मरीजों के लिए भी बढ़ सकती हैं सुविधाएं

फिजियोथेरेपी का उपयोग चोट, ऑपरेशन के बाद पुनर्वास और चलने-फिरने की क्षमता सुधारने में किया जाता है। कई मरीजों को ऐसे उपचार के लिए विशेषज्ञ सेवाओं की जरूरत होती है। स्थानीय स्तर पर सुविधाएं बढ़ने से उन्हें भविष्य में मदद मिल सकती है।

कॉलेज के संचालन से प्रशिक्षित पेशेवर तैयार करने की दिशा में भी काम होगा। इसके परिणामस्वरूप जिले में उपचार सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं बन सकती हैं। हालांकि, मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं संस्थान के संचालन और उपलब्ध संसाधनों पर निर्भर करेंगी।

जशपुर में स्वास्थ्य शिक्षा के विस्तार की दिशा में पहल

कंडोरा में प्रस्तावित संस्थान जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास से जुड़ा कदम है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस पहल को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। शुरुआती संचालन के लिए मौजूदा भवन और स्थायी परिसर के लिए अलग योजना बनाई गई है।

आने वाले समय में प्रवेश प्रक्रिया, शैक्षणिक अनुमति और कैंपस निर्माण से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण होगी। इन व्यवस्थाओं के पूरा होने पर विद्यार्थियों को नए अवसर मिल सकते हैं। साथ ही, जिले में फिजियोथेरेपी सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।

 

 

 

यह भी पढ़ें:रायपुर : युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप मिलेगा प्रशिक्षण, रोजगार के खुलेंगे नए अवसर  

Share This Article
Leave a Comment