कोरबा जिले में विकसित यह आवासीय परियोजना राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है। झगरहा क्षेत्र में तैयार की गई इस कॉलोनी ने सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराया है। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह परिसर केवल भवनों का समूह नहीं, बल्कि बेहतर जीवन और सामाजिक सुरक्षा का आधार बन चुका है।
करोड़ों की लागत से हुआ निर्माण
लगभग 75.39 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई आवासीय परियोजना में विभिन्न आय वर्गों के लिए अलग-अलग श्रेणियों के मकान बनाए गए हैं। परियोजना का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि इसमें उच्च आय वर्ग से लेकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तक के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
सैकड़ों परिवारों को मिला लाभ
अब तक 184 परिवार इस आवासीय परियोजना के अंतर्गत आवास प्राप्त कर चुके हैं। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि बेहतर आधारभूत सुविधाओं और सुरक्षित वातावरण ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। यह परियोजना सामाजिक और आर्थिक स्थिरता प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
आधुनिक सुविधाओं से बढ़ी आकर्षण
इस आवासीय परियोजना में पक्की सड़कें, सुव्यवस्थित आवासीय क्षेत्र और सामुदायिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं ने कॉलोनी को रहने के लिए आदर्श स्थान बना दिया है। योजनाबद्ध विकास के कारण यहां का वातावरण सुरक्षित और सुविधाजनक माना जा रहा है।
और परिवारों को मिलेगा अवसर
परियोजना में अभी भी कुछ आवास और व्यावसायिक भूखंड उपलब्ध हैं। इस आवासीय परियोजना के माध्यम से भविष्य में और अधिक परिवार अपने घर का सपना पूरा कर सकेंगे। यह परियोजना राज्य में आवास विकास के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रही है।

