छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं को सफलता का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। रायपुर के सड्डू में आयोजित जेन नेक्स्ट संवाद में उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत की।
न्यूज 24 और लल्लूराम डॉट कॉम ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें जेन-जी और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों ने भाग लिया। छात्रों ने शिक्षा, रोजगार, राजनीति और जल संरक्षण पर सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के अनुभवों से युवाओं को प्रेरित किया।
युवाओं को लक्ष्य और मेहनत का महत्व समझाया
मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े सपने देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लक्ष्य अपनी रुचि के अनुसार तय करना चाहिए। इसके बाद उसे हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने समय का सदुपयोग करने पर भी जोर दिया। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई का समय भविष्य की नींव तैयार करता है। इसलिए उन्हें अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगानी चाहिए।
संघर्ष से मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने की कहानी
संवाद में मुख्यमंत्री ने अपने बचपन की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि जशपुर जिले के बगिया गांव में पढ़ाई के दौरान सुविधाएं सीमित थीं। परीक्षा देने के लिए उन्हें दूसरे गांव जाना पड़ता था।
कम उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां भी बढ़ गईं। उन्होंने पढ़ाई के साथ खेती-बाड़ी में हाथ बंटाया। बाद में सरपंच से लेकर विधायक, सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री तक की जिम्मेदारियां निभाईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाना जरूरी है। उन्होंने युवाओं को मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा अपनाने की सलाह दी।
शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में शिक्षा सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 17 प्रयास विद्यालय संचालित हैं।
उन्होंने पीएमश्री योजना के तहत शामिल 341 स्कूलों की जानकारी भी दी। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास और प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को कौशल और रोजगार से जोड़ना है।
जल संरक्षण में युवाओं की भूमिका अहम
विद्यार्थियों ने जल संरक्षण से जुड़े उपायों पर भी सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल बचाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने घरों और स्कूलों में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने की अपील की।
उन्होंने कोरिया जिले के पांच प्रतिशत मॉडल का उल्लेख किया। साथ ही, राजनांदगांव में सोक पिट निर्माण के प्रयासों की जानकारी दी। युवाओं से जल संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने का आग्रह किया।
विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं का योगदान
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल और प्रतिभा से देश आगे बढ़ेगा। छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास में भी उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण होगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भक्ति गीतों का आनंद लिया। विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को सम्मानित भी किया गया।
कुल मिलाकर, सीएम साय का संदेश मेहनत, अनुशासन और जिम्मेदारी पर केंद्रित रहा। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की अपील की।

