नवा रायपुर में बैडमिंटन अकादमी से बढ़ेंगी खेल संभावनाएं

CG DARSHAN
4 Min Read
4 Min Read

छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आधुनिक खेल सुविधाओं के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना जरूरी है। इस दिशा में नवा रायपुर में नई खेल सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

नवा रायपुर बैडमिंटन अकादमी से युवाओं को मिलेगा मार्गदर्शन

रायपुर के जोरा में सेंध लेक सिटी और इलेशियम क्लब्स की साझेदारी का समारोह आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसमें भाग लिया। उन्होंने नवा रायपुर में प्रस्तावित विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स क्लब का स्वागत किया।

इस पहल के तहत पद्म भूषण सम्मानित बैडमिंटन खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद अकादमी शुरू करेंगे। मुख्यमंत्री ने उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि गोपीचंद के अनुभव से प्रदेश के खिलाड़ियों को लाभ मिल सकता है।

अकादमी में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है। इससे उभरती प्रतिभाओं को अपनी तकनीक सुधारने का अवसर मिलेगा। साथ ही, उन्हें उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी में मदद मिल सकती है।

नवा रायपुर बैडमिंटन अकादमी से प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

खेलों में सफलता के लिए प्रशिक्षण के साथ अनुशासन भी जरूरी है। खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री ने खेलों को युवाओं के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

उनके अनुसार, खेल आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता बढ़ाते हैं। इसलिए खेल सुविधाओं में निवेश युवाओं के भविष्य से भी जुड़ा है।

खेल विकास के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये

राज्य सरकार ने खेलों के विकास के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य खेल अधोसंरचना को मजबूत करना है। इसके अलावा, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित होने से प्रदेश के खिलाड़ियों को सहायता मिल सकती है। वहीं, निजी संस्थानों की भागीदारी खेल क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित कर सकती है।

बस्तर ओलंपिक में बढ़ी खिलाड़ियों की संख्या

मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक को ग्रामीण और जनजातीय प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया। पहले वर्ष इस आयोजन में लगभग 1.65 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया था। दूसरे वर्ष यह संख्या बढ़कर करीब 3.91 लाख हो गई।

यह बढ़ोतरी बस्तर में खेलों के प्रति बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को खेल, शिक्षा और कौशल विकास के अवसर मिलने चाहिए। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने का मंच मिल सकता है।

राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने ज्ञानेश्वरी यादव की भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने की उपलब्धि का उल्लेख किया। उन्होंने संजू देवी की उपलब्धि की भी सराहना की। संजू देवी एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम का हिस्सा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने ‘खेलो इंडिया’ के अंतर्गत राष्ट्रीय जनजातीय खेलों के आयोजन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं।

Share This Article
Leave a Comment