एशियाड प्रदर्शन पर पीएम मोदी ने भारतीय खिलाड़ियों की मेहनत को सराहा

CG DARSHAN
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एशियाड प्रदर्शन की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, सहयोगी स्टाफ और उनके परिवारों के योगदान को सराहा। पीएम ने कहा कि बीते 12 वर्षों में देश की खेल संस्कृति में बदलाव आया है। अब भारतीय खिलाड़ी अधिक खेलों में भाग ले रहे हैं और नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने खिलाड़ियों की मेहनत को सराहा

प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़ी सफलताएं एक दिन में नहीं मिलतीं। इनके लिए वर्षों का धैर्य, अनुशासन और लगातार अभ्यास जरूरी है। उन्होंने खिलाड़ियों को देश की युवा शक्ति का उदाहरण बताया। पीएम के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी सकारात्मक बदलाव दर्शाती है।

उन्होंने कोच, सहयोगी स्टाफ और परिवारों की भूमिका का भी उल्लेख किया। खिलाड़ियों की सफलता के पीछे इन सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों से बड़े लक्ष्य तय करने और निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया।

खेलो इंडिया और TOPS योजना से मिल रहा प्रोत्साहन

पीएम मोदी ने खेलो इंडिया और टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (TOPS) का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इन पहलों का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही, सरकार प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न अवसर उपलब्ध करा रही है।

खेलो इंडिया सेंटर के माध्यम से उभरते खिलाड़ियों को प्रशिक्षण का अवसर मिलता है। वहीं, TOPS योजना के तहत चयनित खिलाड़ियों को तैयारी के लिए सहायता दी जाती है। इससे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद मिल सकती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि गांवों में भी प्रतिभाओं की तलाश की जा रही है। उन्होंने भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए मजबूत तैयारी पर जोर दिया। भारत के सामने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 और राष्ट्रमंडल खेल 2030 जैसे लक्ष्य हैं। भारत ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी की आकांक्षा भी जताई है।

एशियाड प्रदर्शन में भारतीय खिलाड़ियों की बड़ी उपलब्धियां

आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कुल 85 पदक जीते। इनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल रहे। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।

प्रधानमंत्री ने कई खेलों में मिली ऐतिहासिक सफलताओं का उल्लेख किया। पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीते। क्रिकेट और कबड्डी में भी भारतीय पुरुष तथा महिला टीमों ने स्वर्ण हासिल किए। तीरंदाजी में भारत को पांच स्वर्ण पदक मिले। इसके अलावा, सॉफ्ट टेनिस और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भी भारत ने पदक जीते।

महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों की भी विशेष सराहना की गई। भारतीय दल के 85 पदकों में 38 पदक महिला खिलाड़ियों ने जीते। इनमें 11 स्वर्ण पदक शामिल थे। इन उपलब्धियों ने विभिन्न खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और क्षमता को सामने रखा।

पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से लिए चार संकल्प

प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के सामने भविष्य के लिए कुछ संकल्प रखे। उन्होंने खिलाड़ियों से इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया।

  • हर मैदान पर तिरंगे की शान बढ़ाना।

  • खेलों में भारत की नई पहचान बनाना।

  • हर खेल में नए चैंपियन तैयार करना।

  • देश के नाम नए रिकॉर्ड स्थापित करना।

भविष्य की प्रतियोगिताओं पर रहेगा जोर

पीएम मोदी ने कहा कि भारत को आने वाले वर्षों में खेलों की ऊंचाइयों तक पहुंचना है। इसके लिए प्रतिभाओं की पहचान, बेहतर प्रशिक्षण और लगातार अभ्यास जरूरी होंगे। युवा खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही सही सुविधाएं मिलना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय खिलाड़ी आने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भी देश का नाम रोशन करेंगे। इस मुलाकात का उद्देश्य खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मान देना और भविष्य की तैयारी के लिए उनका उत्साह बढ़ाना था। भारत की आगामी खेल योजनाओं में प्रतिभा विकास और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा की तैयारी अहम भूमिका निभाएंगे।

 

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