राजधानी Delhi में प्रदूषण से निपटने और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार ने एक व्यापक वित्तीय पैकेज की घोषणा की है। नगर निगम (MCD) को 1330 करोड़ रुपये की विशेष सहायता दी गई है, जिसका उद्देश्य सड़कों की मरम्मत, धूल नियंत्रण, सफाई व्यवस्था का आधुनिकीकरण और शिक्षा ढांचे को मजबूत करना है।
सड़कों का कायाकल्प: 1000 किलोमीटर का लक्ष्य
वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान लगभग 1000 किलोमीटर सड़कों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण की योजना बनाई गई है। विशेष रूप से 60 फुट से कम चौड़ी सड़कों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जहां धूल प्रदूषण अधिक पाया जाता है। समयसीमा तय करते हुए 30 सितंबर 2026 तक प्रमुख परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाई-टेक सफाई प्रणाली से धूल पर नियंत्रण
प्रदूषण कम करने के लिए 2300 करोड़ रुपये की 10 वर्षीय योजना लागू की जाएगी। इसके अंतर्गत:
70 नई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें
1000 इलेक्ट्रिक लिटर पिकर
ओपेक्स मॉडल पर आधुनिक सफाई प्रबंधन
इन कदमों से सड़क की धूल और कचरे को प्रभावी ढंग से हटाया जाएगा, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
शिक्षा और सामुदायिक ढांचे पर फोकस
सरकार ने नगर निगम के प्राथमिक स्कूलों के उन्नयन के लिए 50 करोड़ रुपये अतिरिक्त स्वीकृत किए हैं। इससे स्कूल भवनों की मरम्मत, स्वच्छता सुविधाओं में सुधार और स्मार्ट कक्षाओं का विकास होगा।
साथ ही, 298 सामुदायिक भवनों के जीर्णोद्धार के लिए भी 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
क्यों अहम है यह निवेश?
दिल्ली में मॉनसून के बाद प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ता है। सड़क धूल और अव्यवस्थित सफाई इसकी बड़ी वजहें हैं। ऐसे में यह फंडिंग सिर्फ बजटीय घोषणा नहीं, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर जीवन स्तर की दिशा में ठोस रणनीतिक पहल है।
सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है — स्वच्छ वातावरण, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ दिल्ली को आधुनिक और रहने योग्य महानगर बनाना।

