छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 15 अक्टूबर को रायगढ़ जिले के सारसमाल पहुंचे। यहां आयोजित कर्मा पूजा महोत्सव में उन्होंने जनजातीय समाज के लोगों के साथ भाग लिया। मुख्यमंत्री ने भगवान करम देव, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना भी की।
यह आयोजन तमनार विकासखंड के सारसमाल गांव में हुआ। उरांव समाज विकास समिति, छत्तीसगढ़-ओडिशा हिमगिर क्षेत्र ने इसका आयोजन किया। कार्यक्रम में पारंपरिक रीति-रिवाजों और लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिली।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने मांदर भी बजाया। इसके बाद उन्होंने महिला और पुरुष समाजजनों के साथ पारंपरिक कर्मा नृत्य किया। उनकी सहभागिता से कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना।
जनजातीय संस्कृति और प्रकृति संरक्षण का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास शौर्य और स्वाभिमान से जुड़ा है। उन्होंने प्रकृति के प्रति समाज की श्रद्धा को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, जल, जंगल और जमीन की रक्षा की परंपरा सभी के लिए प्रेरणा है।
कर्मा पूजा महोत्सव सामूहिकता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। यह पर्व नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ता है। साथ ही, यह परंपराओं और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश देता है।
जनजातीय महापुरुषों की विरासत को सहेजने पर जोर
मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह और गुंडाधुर के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन महानायकों ने मातृभूमि, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। युवाओं को उनके जीवन और बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय के गठन का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे जनजातीय समाज के विकास को संस्थागत आधार मिला।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समुदाय के लिए कई क्षेत्रों में काम हो रहा है। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सड़क, पेयजल और आजीविका जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
जनजातीय समाज के सम्मान और विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का उल्लेख करते हुए जनजातीय समाज की बढ़ती भागीदारी की बात कही। उन्होंने नया रायपुर स्थित जनजातीय संग्रहालय को भी महत्वपूर्ण बताया। यह संग्रहालय समाज के इतिहास, जीवनशैली, परंपराओं और संस्कृति को समझने का अवसर देता है।
राज्य सरकार जनजातीय विरासत को सहेजने और विकास के अवसर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं पर ध्यान देने का आह्वान किया।
युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने शिक्षा को समाज की प्रगति का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने युवाओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और निरंतर प्रयास करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने उपलब्ध रोजगार अवसरों का लाभ उठाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को सम्मान के साथ आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। इसके लिए शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है।
कार्यक्रम में कर्मा पूजा महोत्सव ने जनजातीय परंपराओं और सामुदायिक एकता को प्रमुखता दी। आयोजन ने सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश भी दिया।

