छत्तीसगढ़ में गरीब परिवारों के आवास निर्माण में अनियमितता को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि हितग्राहियों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं होगी। कबीरधाम जिले में दो ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन पर बैगा जनजाति के नौ हितग्राहियों से कुल 5 लाख 9 हजार रुपये लेने के आरोप हैं।
गरीबों के हक की राशि में गड़बड़ी पर सख्ती
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर देने की महत्वपूर्ण पहल है। योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। इसलिए आवास निर्माण की राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों को आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी व्यक्ति को हितग्राहियों की राशि का दुरुपयोग करने की छूट नहीं दी जाएगी। शिकायत मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री जनमन आवास के नाम पर वसूली की शिकायत
कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड में दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। शिकायतों के अनुसार, ठेकेदारों ने आवास निर्माण के नाम पर हितग्राहियों से पैसे लिए। हालांकि, निर्धारित समय बीतने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया।
ग्राम पंचायत राजाढ़ार के पांच हितग्राहियों से कुल 3 लाख 20 हजार रुपये लेने का आरोप है। इस मामले में ठेकेदार कुमार मेरावी के खिलाफ 14 अक्टूबर को चिल्फी थाने में एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, करीब डेढ़ साल बीतने के बाद भी उनके घर नहीं बने। उनकी राशि भी वापस नहीं की गई। इसके बाद हितग्राहियों ने लिखित शिकायत दर्ज कराई।
आमानारा में भी ठेकेदार के खिलाफ FIR
बोड़ला विकासखंड की ग्राम पंचायत आमानारा में भी इसी तरह की शिकायत सामने आई। यहां चार हितग्राहियों से कुल 1 लाख 89 हजार रुपये लेने का आरोप है। इस मामले में ठेकेदार तुमेश गोड़ के खिलाफ 13 अक्टूबर को तरेगांव जंगल थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
शिकायत के मुताबिक, बैसाखू बैगा से 64 हजार रुपये लिए गए। सुकोर बाई से 60 हजार रुपये लेने की बात सामने आई है। वहीं, सोनिया बाई से 45 हजार और रनो बाई से 20 हजार रुपये लेने का आरोप है।
आवास निर्माण में लापरवाही पर नहीं मिलेगी छूट
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को समय पर पक्का मकान मिलना चाहिए। योजना के तहत स्वीकृत राशि पर संबंधित हितग्राहियों का अधिकार है। इस राशि का दुरुपयोग उनके साथ अन्याय है।
उन्होंने अधिकारियों से आवास निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। सरकार का कहना है कि जरूरतमंद परिवारों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री जनमन आवास के तहत किसी भी अनियमितता की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।
मामले की मुख्य जानकारी
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पहला मामला: राजाढ़ार के पांच हितग्राही, 3.20 लाख रुपये और ठेकेदार कुमार मेरावी के खिलाफ एफआईआर।
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दूसरा मामला: आमानारा के चार हितग्राही, 1.89 लाख रुपये और ठेकेदार तुमेश गोड़ के खिलाफ एफआईआर।
दोनों मामलों में कुल नौ हितग्राहियों से 5.09 लाख रुपये लेने की शिकायत है। पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद मामले में आगे की कार्रवाई होगी।

