छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में विजयादशमी का पर्व धार्मिक आस्था और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलाईगढ़ के रैनीभाठा में आयोजित ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में प्रशासनिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना आवश्यक है। प्रस्तावित कार्यों से स्थानीय नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और नगर के विकास को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। बिलाईगढ़ दशहरा उत्सव इस बार धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ विकास संबंधी घोषणाओं को लेकर भी चर्चा में रहा।
पांच घोषणाओं से स्थानीय सुविधाओं के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलाईगढ़ में नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पांच कार्यों की घोषणा की। इनमें प्रशासनिक व्यवस्था, सड़क संपर्क और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्य शामिल हैं।
- अपर कलेक्टर कार्यालय: बिलाईगढ़ में नया अपर कलेक्टर कार्यालय खोला जाएगा।
- गौरव पथ निर्माण: बस स्टैंड से हायर सेकेंडरी स्कूल तक तीन करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ बनाया जाएगा।
- राजमहल मार्ग पर पुल: राजमहल जाने वाले रास्ते पर पुल का निर्माण किया जाएगा।
- मुक्तिधाम निर्माण: नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 15 में मुक्तिधाम बनाया जाएगा।
- डोम शेड निर्माण: मां समलाई माता मंदिर के समीप डोम शेड का निर्माण किया जाएगा।
इन घोषणाओं का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर सुविधाओं को बेहतर बनाना है। अपर कलेक्टर कार्यालय खुलने से प्रशासनिक कामकाज के लिए लोगों की पहुंच आसान होने की उम्मीद है। वहीं, गौरव पथ और पुल निर्माण से आवागमन संबंधी सुविधाओं में सुधार हो सकता है।
विजयादशमी पर बुराइयों को त्यागने का संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विजयादशमी के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व सत्य की असत्य पर और धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम के जीवन से हमें मर्यादा, कर्तव्य, न्याय और जनकल्याण की प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रावण दहन की परंपरा तभी सार्थक होगी, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने भीतर मौजूद काम, क्रोध, लोभ, मद और अहंकार जैसी बुराइयों पर विजय प्राप्त करने का प्रयास करेगा। उन्होंने समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत बनाने की अपील की।
उन्होंने बिलाईगढ़ की राजशाही दशहरा परंपरा को क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण प्रतीक बताया। साथ ही, इस परंपरा को पीढ़ियों से जीवित रखने वाले राजपरिवार, आयोजन समिति और स्थानीय नागरिकों के योगदान की सराहना की।
छत्तीसगढ़ और भगवान श्रीराम के संबंध का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में भगवान श्रीराम का विशेष स्थान है। प्रदेश को माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। वनवास के दौरान दंडकारण्य क्षेत्र से जुड़ी मान्यताएं भी राज्य की धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
उन्होंने शिवरीनारायण में माता शबरी की भक्ति और राजिम के त्रिवेणी संगम का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक पहचान को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने श्रीरामलला दर्शन योजना के बारे में बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को शासकीय खर्च पर अयोध्या में दर्शन का अवसर मिला है।
आवास, किसान कल्याण और जनहितकारी योजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के उद्देश्य से काम कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के निर्णय का उल्लेख किया।
उन्होंने किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने, युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने और महिलाओं के सशक्तीकरण को भी महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, विकास का लक्ष्य केवल सड़कों और भवनों का निर्माण करना नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
बस्तर में शांति और विकास के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए अभियानों और सुरक्षा बलों के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और विश्वास का वातावरण बनने से विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
सड़क, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं का विस्तार बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर संपर्क उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
रेल संपर्क बढ़ने से आवागमन और व्यापार को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। रेल नेटवर्क का विस्तार व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी उपयोगी हो सकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य में सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ आधुनिक अधोसंरचना के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सड़क, रेल और प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण है।
विरासत और आधुनिक विकास का संगम बना दशहरा उत्सव
बिलाईगढ़ दशहरा उत्सव क्षेत्र की ऐतिहासिक परंपरा, धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता को दर्शाता है। इस आयोजन के दौरान घोषित विकास कार्य स्थानीय नागरिकों की जरूरतों से जुड़े हैं। इनके प्रभावी क्रियान्वयन से प्रशासनिक सेवाओं और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने और आपसी एकता एवं सद्भाव के साथ प्रदेश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।

