रायपुर केंद्रीय जेल के कैदियों ने आगामी गणेशोत्सव के लिए मिट्टी से बनी इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं तैयार की हैं। इन मूर्तियों का विसर्जन पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
आजिवन कारावास काट रहे छह कैदियों ने इन मूर्तियों का निर्माण किया है। जेल प्रशासन के अनुसार इस तरह की गतिविधियाँ कैदियों को आत्मनिर्भर बनाती हैं, उनके छिपे हुनर को उभारती हैं और समाज में सकारात्मक योगदान का अवसर देती हैं।
प्रतिमाओं की कीमतें बेहद किफायती रखी गई हैं – ₹51, ₹251 और ₹351। ये मूर्तियां जेल परिसर स्थित “जेल एम्पोरियम” में प्रदर्शनी और बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। आमजन इन्हें खरीदकर कैदियों के प्रयासों को सराह सकते हैं और उनके पुनर्वास में मदद कर सकते हैं।
प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से बनी मूर्तियों के विपरीत, ये मिट्टी की प्रतिमाएँ पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचातीं। इस पहल से आस्था और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

