प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय जापान दौरे के पहले दिन भारत-जापान आर्थिक फोरम में भाग लिया। फोरम में उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाओं पर जोर दिया।
जापान में गर्मजोशी से स्वागत
जापान पहुंचते ही पीएम मोदी का स्वागत अत्यंत उत्साहपूर्ण रहा। वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री से मिलने में गजब का उत्साह दिखाया। मोदी ने जापानी भाषा में अभिवादन कर फोरम की शुरुआत की।
टेक्नोलॉजी और टैलेंट का संगम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जापान टेक्नोलॉजी का पावरहाउस है और भारत टैलेंट का पावरहाउस। यही दोनों विकास का नेतृत्व कर सकते हैं।” उन्होंने बताया कि मेट्रो, मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग आपसी विश्वास का प्रतीक है।
जापानी निवेश और आर्थिक साझेदारी
पीएम मोदी ने बताया कि जापानी कंपनियों ने भारत में 40 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है। केवल पिछले दो वर्षों में 30 बिलियन डॉलर का निजी निवेश हुआ। उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में जापान हमेशा अहम साझेदार रहा है।
भारत में आर्थिक सुधार और स्थिरता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने अभूतपूर्व आर्थिक बदलाव देखे हैं। देश में राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता, नीति में पारदर्शिता और पूर्वानुमान क्षमता मजबूत है। उन्होंने व्यापार में आसानी (ease of doing business) और सिंगल डिजिटल विंडो जैसे सुधारों का भी उल्लेख किया।
संवेदनशील क्षेत्रों में निजी निवेश का अवसर
मोदी ने बताया कि रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र पहले ही निजी निवेश के लिए खोले जा चुके हैं। अब परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को भी निजी निवेश के लिए खोला जा रहा है। उन्होंने इसे विकसित भारत बनाने के संकल्प का हिस्सा बताया।
वैश्विक भरोसा और रेटिंग अपग्रेड
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया अब भारत पर नजर नहीं बल्कि भरोसा रख रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि एसएंडपी ग्लोबल ने दो दशक बाद भारत की क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड की है, जो वैश्विक निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है।
