महिला विश्वकप 2025: भारत की बेटियों ने रचा सुनहरा इतिहास, मैदान पर चमकी नारी शक्ति

महिला विश्वकप 2025: संघर्ष से विजय तक — भारत की बेटियों की सुनहरी कहानी

Cgdarshan
Cgdarshan 2 Min Read
2 Min Read
Advertisement Carousel

भारत की बेटियों ने एक बार फिर इतिहास रच दिया!
महिला वनडे विश्वकप 2025 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपनी मेहनत, संघर्ष और जज़्बे से पूरी दुनिया को प्रभावित किया। ये जीत सिर्फ एक ट्रॉफी की नहीं, बल्कि हर उस भारतीय नारी की है जिसने अपने सपनों पर भरोसा किया।

करो या मरो मुकाबला: मंधाना और रावल की शतकीय जोड़ी

न्यूजीलैंड के खिलाफ हुए करो या मरो मुकाबले में स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने पूरे टूर्नामेंट का रुख बदल दिया।
दोनों ने मिलकर 212 रनों की साझेदारी की और भारत को 340 के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। इस जीत के साथ भारत ने सेमीफाइनल में जगह बनाई और टीम का आत्मविश्वास आसमान छू गया।

सेमीफाइनल में जेमिमा का जादू

सेमीफाइनल में भारत का सामना सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से हुआ। टीम की स्थिति कठिन थी, लेकिन जेमिमा रॉड्रिग्स ने कप्तान हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारत को जीत दिलाई।
127* रनों की नाबाद पारी के साथ जेमिमा बनीं मैच की हीरो और भारत ने 339 रनों का लक्ष्य हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया।

फाइनल में शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा की चमक

फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर इतिहास रचा।
शेफाली वर्मा ने 87 रन बनाकर टीम की नींव मजबूत की और गेंदबाजी में दो विकेट लेकर टीम को जीत की राह पर लाया।
दीप्ति शर्मा ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से फाइनल को भारत के नाम किया।

भारत ने 298 रनों का बचाव करते हुए दक्षिण अफ्रीका को हराया और पहली बार महिला वनडे विश्वकप की चैंपियन बनी।

यह जीत सिर्फ क्रिकेट की नहीं, हर बेटी की है

यह जीत हर उस भारतीय बेटी की कहानी है जो अपने सपनों के लिए संघर्ष करती है।
स्मृति, प्रतिका, जेमिमा, शेफाली और दीप्ति ने साबित किया कि अगर जज़्बा हो, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं।
नारी शक्ति ने मैदान पर इतिहास रचा और पूरे देश को गर्व से भर दिया।

Share This Article
Leave a comment