दिल्ली के लालकिले के पास हुए ब्लास्ट मामले में जांच तेजी पकड़ रही है। फरीदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नूंह जिले के रायपुर स्थित शाही जामा मस्जिद से मौलाना तैय्यब हुसैन और उर्दू शिक्षक फरहान को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। यह मस्जिद वह स्थान बताया जा रहा है जहाँ मुख्य आरोपी डॉ. उमर नियमित रूप से नमाज पढ़ने आता था।
जांच एजेंसियों को पता चला है कि डॉ. उमर नूंह की हिदायत कॉलोनी में किराए पर रह रहा था और मस्जिद में उसकी लगातार मौजूदगी पर अब गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अमोनियम नाइट्रेट खरीदने के लिए सोहना मंडी स्थित खाद-बीज की दुकान पर उमर अकेला गया था या उसके साथ कोई और भी शामिल था।
जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या आरोपी को मेवात या आसपास के क्षेत्रों से किसी प्रकार का स्थानीय सहयोग मिल रहा था। इस बीच, मौलाना का परिवार उनका बचाव करते हुए कह रहा है कि मस्जिद एक सार्वजनिक स्थल है और कोई भी वहाँ आ सकता है, ऐसे में सीधा संबंध जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की है कि यदि उनका कोई सदस्य अपराध में शामिल पाया जाता है तो कानून कठोर कार्रवाई करे, अन्यथा निर्दोष होने पर तुरंत रिहा किया जाए।
फरीदाबाद क्राइम ब्रांच का कहना है कि जांच कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आगे बढ़ रही है और पूछताछ के बाद मामले से जुड़ी अहम कड़ियाँ सामने आ सकती हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाजी होगी।
