छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान लगातार निर्णायक सफलता की ओर बढ़ रहा है। सोमवार सुबह खैरागढ़ जिले के बकरकट्टा थाना क्षेत्र के कुम्ही गांव में CPI माओवादी संगठन के 12 वांछित कैडरों ने आत्मसमर्पण किया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी उपलब्धि हाथ लगी। आत्मसमर्पित माओवादियों में ₹1 करोड़ के इनामी और कुख्यात नक्सली नेता रामधेर मज्जी सबसे प्रमुख नाम रहा।
रामधेर मज्जी ने AK-47 और दूसरे हथियारों के साथ समर्पण किया। वह संगठन के सीसी मेम्बर (CCM) के रूप में एमएमसी जोन का शीर्ष कमांडर माना जाता था और लंबे समय से मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ की सीमा पर सक्रिय था।
सरेंडर करने वालों की सूची — बड़े पदों पर रहे माओवादी शामिल
आत्मसमर्पित नक्सलियों में महिला और पुरुष दोनों शीर्ष स्तर के कैडर शामिल हैं:
| नाम | रैंक |
|---|---|
| रामधेर मज्जी | CCM |
| चंदू उसेंडी | DVCM |
| ललिता | DVCM |
| जानकी | DVCM |
| प्रेम | DVCM |
| रामसिंह दादा | ACM |
| सुकेश पोट्टम | ACM |
| लक्ष्मी | PM |
| शीला | PM |
| सागर | PM |
| कविता | PM |
| योगिता | PM |
सरकार और सुरक्षा बलों के अनुसार यह सरेंडर नक्सली नेटवर्क की नेतृत्व क्षमता पर गहरा प्रहार है।
एमएमसी जोन का अंत — रणनीतिक परिणाम
सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि रामधेर मज्जी के हथियार डाल देने के बाद एमएमसी जोन लगभग पूरी तरह टूट चुका है।
यह वही इलाका था जो वर्षों से बड़े हमलों और भर्ती अभियानों का प्रमुख केंद्र माना जाता था।
आगे की कार्रवाई — मुख्यमंत्री करेंगे आधिकारिक घोषणा
सरेंडर के बाद जल्द ही मुख्यमंत्री प्रेसवार्ता कर पूरी जानकारी साझा करेंगे और आगे की नीति पर बात रखेंगे।
हाल ही में दंतेवाड़ा में भी 37 नक्सलियों का समर्पण
इससे पूर्व दंतेवाड़ा में 37 नक्सलियों ने हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की थी, जिनमें मिनपा हमले में शामिल माओवादी भी मौजूद थे।
पुलिस के अनुसार नक्सली “पूना मारगेम” — पुनर्वास एवं पुनर्जीवन पहल पर भरोसा दिखाते हुए समाज में लौट रहे हैं।
