गोवा नाइट क्लब अग्निकांड की जांच अब नए मोड़ पर पहुँच गई है। बिर्क बाय रोमियो लेन नाइट क्लब की अवैध तरीके से सरकारी जमीन पर निर्मित होने की पुष्टि के बाद प्रशासन बुलडोजर कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। सीएम प्रमोद सावंत ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्य आरोपी सौरभ और गौरव लूथरा पर इंटरपोल के ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अब जमीन स्वामित्व विवाद ने भी तूल पकड़ लिया है। जमीन के मूल मालिक प्रदीप अमोनकर के बयान के अनुसार, वर्ष 2004 में सुरिंदर कुमार खोसला के साथ प्लॉट बेचने का करार विफल हो गया था, बावजूद इसके उस जमीन पर नाइट क्लब का निर्माण कर दिया गया और बाद में इसे लूथरा ब्रदर्स ने संभाल लिया।
25 लोगों की मौत वाले इस हादसे के बाद गोवा पुलिस और प्रशासन पूरी गंभीरता से मामले को आगे बढ़ा रहे हैं ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके और भविष्य में ऐसे हादसों पर रोक लगाई जा सके।
