गोवा अग्निकांड: थाईलैंड में पकड़े गए लूथरा ब्रदर्स, भारत प्रत्यर्पण शुरू

थाईलैंड में लूथरा बंधु हिरासत में, पासपोर्ट निलंबन के बाद भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज

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गोवा के चर्चित नाइटक्लब अग्निकांड मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। आगजनी के आरोपियों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को थाईलैंड के फुकेत में हिरासत में ले लिया गया है। पासपोर्ट निलंबन और इंटरपोल ब्लू कॉर्नर नोटिस के बाद दोनों भाइयों के खिलाफ भारत प्रत्यर्पण की कार्रवाई तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, गोवा में भीषण आग लगने के बाद, जिसमें 25 लोगों की मौत हुई थी, लूथरा बंधुओं ने उसी रात देश छोड़ने की तैयारी कर ली थी। अधिकारियों ने बताया कि आग की खबर मिलते ही दोनों ने सात दिसंबर की रात 1:17 बजे थाईलैंड के लिए उड़ान बुक की और अगली सुबह इंडिगो की फ्लाइट से भारत से फरार हो गए।

भारत सरकार के अनुरोध पर थाईलैंड पुलिस ने दोनों आरोपियों का लोकेशन ट्रेस कर उन्हें पकड़ा। फिलहाल दोनों फुकेत में हिरासत में हैं और उन्हें भारत भेजने की कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।

इधर दिल्ली की अदालत ने लूथरा भाइयों को किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। उनकी ओर से वकीलों ने दावा किया था कि भाई व्यावसायिक यात्रा पर गए थे और नाइटक्लब के प्रत्यक्ष संचालन की जिम्मेदारी स्टाफ पर थी, न कि उन पर।

उधर गोवा पुलिस ने अग्निकांड के मामले में पांच प्रबंधकों और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आग रात में तेजी से फैलने के कारण पूरा नाइटक्लब इसकी चपेट में आ गया था। भारत और थाईलैंड की एजेंसियाँ मिलकर प्रत्यर्पण प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही हैं।

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत का बयान

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि घटना की मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट आठ दिनों के भीतर तैयार कर ली जाएगी। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को सहायता प्रदान करना शुरू कर दिया है, जबकि मनोरंजन स्थलों पर सुरक्षा ऑडिट और नियमों की सख्त मॉनिटरिंग जारी है।

उन्होंने यह भी बताया कि आगजनी मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, और क्लबों—होटलों का व्यापक ऑडिट करने के लिए एक विशेष समिति गठित की गई है।

अग्निकांड की घटना के बाद उत्तरी गोवा प्रशासन ने सभी नाइटक्लब, होटलों और पर्यटन प्रतिष्ठानों में आतिशबाज़ी पर प्रतिबंध लगा दिया है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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