CG News: छत्तीसगढ़ सरकार ने शहरी स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती देने और स्वच्छता दीदियों के योगदान को सम्मान देने की दिशा में एक अहम निर्णय लिया है। राज्य शासन ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में कार्यरत स्वच्छता दीदियों के एक वर्ष के मानदेय भुगतान के लिए 93 करोड़ 60 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस फैसले से हजारों परिवारों को आर्थिक स्थिरता और सुरक्षा का भरोसा मिला है।
इस प्रस्ताव को उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की स्वीकृति के बाद मंत्रालय स्तर पर मंजूरी प्रदान की गई। विभाग द्वारा आदेश जारी होते ही यह स्पष्ट हो गया कि राज्य के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में कार्यरत 9750 स्वच्छता दीदियों का मानदेय अब बिना किसी बाधा के 30 सितंबर 2026 तक सुनिश्चित रहेगा।
स्वच्छता दीदियां मिशन क्लीन सिटी के तहत शहरों की सफाई, कचरा संग्रहण, अपशिष्ट प्रबंधन और नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभाती हैं। इन्हीं सेवाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने प्रति स्वच्छता दीदी 8,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय के हिसाब से कुल 93.60 करोड़ रुपये जारी करने का निर्णय लिया है। यह राशि 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 की अवधि के लिए मान्य होगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह भुगतान चुंगी क्षतिपूर्ति मद से किया जाएगा, जिससे नगरीय निकायों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और योजनाओं का क्रियान्वयन भी सुचारु रूप से जारी रहेगा। यह निर्णय दर्शाता है कि राज्य सरकार जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मियों की भूमिका को गंभीरता से समझती है।
इस घोषणा के बाद स्वच्छता दीदियों में उत्साह का माहौल है। नियमित मानदेय सुनिश्चित होने से वे निश्चिंत होकर अपने कार्यों को और बेहतर ढंग से अंजाम दे सकेंगी। साथ ही, यह कदम प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन और शहरी विकास योजनाओं को नई गति देने में सहायक साबित होगा।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ सरकार का यह फैसला सामाजिक सरोकार, श्रमिक सम्मान और स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो आने वाले समय में स्वच्छ और स्वस्थ शहरों के निर्माण की नींव मजबूत करेगा।
