राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए सरकार ने एक और सख्त कदम उठाया है। आज से बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के किसी भी वाहन को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जा रहा है। साथ ही, दिल्ली में केवल BS-6 मानक वाले वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति मिलने से BS-IV और पुराने वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बुधवार सुबह से ही दिल्ली के कई इलाकों में पेट्रोल पंपों पर PUCC जांच कराने वालों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कनॉट प्लेस, बाबा खड़क सिंह मार्ग, जनपथ, बाराखंबा रोड और धौला कुआं जैसे प्रमुख स्थानों पर लंबी कतारें देखी गईं। लोग नए नियम लागू होने से पहले अपनी गाड़ियों का प्रदूषण प्रमाणपत्र अपडेट कराने पहुंचे, लेकिन कई जगह PUCC मशीनों का सर्वर डाउन रहने से स्थिति और बिगड़ गई।
कई वाहन चालकों को घंटों इंतजार करने के बावजूद जांच नहीं हो पाई, जिससे उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। आम लोग नियमों का पालन करना चाहते हैं, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक खामियां उनके लिए बड़ी बाधा बनकर सामने आ रही हैं।
बाइक सवार दिनेश कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी PUCC समाप्त होने से पहले ही रिन्यू करवा ली थी। उनका कहना है कि यदि सभी लोग समय पर PUCC बनवाएं, तो प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए यह नियम बेहद जरूरी है।
दूसरी ओर, कुछ वाहन चालकों में नाराजगी भी देखने को मिली। बाइक चालक दिव्यांश ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से PUCC कराने के लिए पेट्रोल पंपों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कभी सर्वर ठप हो जाता है तो कभी तकनीकी कारणों से BS-6 वाहनों का PUCC नहीं बन पा रहा है। उनका कहना है कि यदि सरकार नियम लागू कर रही है, तो व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त करना चाहिए।
इस पूरे मामले पर दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के कर्मचारी वीर जैन ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार के निर्देशानुसार बिना PUCC वाले वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। पेट्रोल पंप कर्मचारियों को सभी वाहनों के दस्तावेज जांचने के आदेश दिए गए हैं और यह नियम अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दिल्ली की बिगड़ती हवा को सुधारने की दिशा में अहम है, लेकिन इसकी सफलता तभी संभव है जब PUCC जांच केंद्रों की संख्या बढ़े और तकनीकी समस्याओं का समाधान जल्द किया जाए।
