छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित कटघोरा थाना क्षेत्र के ग्राम केशलपुर में हुए पूर्व जनपद उपाध्यक्ष अक्षय गर्ग के हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। देर रात तीन अज्ञात हमलावरों द्वारा किए गए जानलेवा हमले में अक्षय गर्ग की मौत हो गई, जिससे न केवल स्थानीय लोगों में दहशत है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी तनाव का माहौल बना हुआ है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस हत्या के पीछे चुनावी रंजिश एक बड़ी वजह हो सकती है। बताया जा रहा है कि जनपद पंचायत बिंझरा चुनाव में हार के बाद अक्षय गर्ग और उनके एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के बीच लगातार मतभेद गहराते चले गए थे। करीब एक साल पहले इसी चुनावी विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच मारपीट की घटना भी सामने आई थी। तभी से आपसी वैमनस्य और बदले की भावना पनप रही थी, जो अंततः इस जघन्य वारदात में तब्दील हो गई।
जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग उस समय मिला, जब घटना के आसपास एक संदिग्ध वाहन देखे जाने की जानकारी सामने आई। यह वाहन मुस्ताक नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वारदात वाली रात करीब 11 बजे मुस्ताक ने अपनी गाड़ी एक गैराज में खड़ी की और वहां से चला गया। इसी संदेह के आधार पर पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया और मुस्ताक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
फिलहाल कटघोरा पुलिस मुस्ताक से गहन पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या वह सीधे तौर पर इस हत्याकांड में शामिल था या फिर उसने किसी अन्य आरोपियों की मदद की। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर पूरे घटनाक्रम की परतें खोलने में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में कई अहम तथ्य सामने आए हैं और जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। एहतियातन क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। यह हत्याकांड एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि स्थानीय राजनीति में बढ़ती प्रतिद्वंद्विता किस तरह हिंसक रूप ले रही है।
