वेनेजुएला के बाद ट्रंप की अगली रणनीति क्या? किन देशों पर बढ़ा अमेरिकी दबाव?

वेनेजुएला के बाद ट्रंप के अगले निशाने कौन? वैश्विक राजनीति में बढ़ता अमेरिकी दबदबा

CG DARSHAN
CG DARSHAN 2 Min Read
2 Min Read
Advertisement Carousel

वेनेजुएला में अमेरिकी सेना और खुफिया एजेंसी CIA की कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को नई दिशा दे दी है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका की आक्रामक नीति खुलकर सामने आ गई है। इस घटनाक्रम को कई देशों ने एक संप्रभु राष्ट्र के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया है।

दक्षिण अमेरिकी देशों के साथ-साथ यूरोप में भी इस कार्रवाई को लेकर असहजता देखी जा रही है। जानकारों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप अब अपनी “हार्ड पावर पॉलिसी” के तहत अन्य देशों पर भी दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं।

🔹 किन देशों पर दी गई चेतावनी?

कोलंबिया को लेकर ट्रंप ने उसके नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए और खुले शब्दों में संकेत दिया कि अमेरिका वहां किसी भी विकल्प पर विचार कर सकता है।
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर ट्रंप ने कहा कि यदि वहां नागरिकों पर बल प्रयोग हुआ, तो अमेरिका सख्त प्रतिक्रिया देगा।
क्यूबा को लेकर ट्रंप ने कहा कि सैन्य हस्तक्षेप की जरूरत नहीं, लेकिन अमेरिकी प्रशासन का रुख बेहद कठोर बना हुआ है।
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की दिलचस्पी ने सबसे ज्यादा हलचल मचाई है। आर्कटिक क्षेत्र में स्थित इस द्वीप को लेकर उनका दावा है कि यह अमेरिका की सामरिक सुरक्षा के लिए अहम है। इसी वजह से डेनमार्क और अन्य यूरोपीय देश सतर्क नजर आ रहे हैं।
वहीं वेनेजुएला की अंतरिम सरकार को भी ट्रंप ने साफ संदेश दिया है कि अमेरिका के निर्देशों की अनदेखी गंभीर परिणाम ला सकती है।

🔹 क्या अमेरिका के लिए कब्जा आसान है?

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी देश या क्षेत्र पर नियंत्रण केवल सैन्य ताकत से संभव नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय कानून, वैश्विक दबाव और आर्थिक प्रतिबंध अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

ट्रंप की यह नीति आने वाले समय में वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती है और दुनिया को एक नए भू-राजनीतिक दौर में धकेल सकती है।

Share This Article
Leave a comment