भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर एक नया अध्याय शुरू करते हुए नितिन नवीन को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष रहे नितिन नवीन ने मंगलवार को औपचारिक रूप से पदभार संभाल लिया। सोमवार को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके नाम पर भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में आधिकारिक मुहर लगी। इससे पहले 14 दिसंबर 2025 को उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा की विचारधारा और कार्यकर्ता आधारित संस्कृति पर जोर देते हुए कहा कि पार्टी की जड़ें समाज में गहराई तक जुड़ी हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “भाजपा का कार्यकर्ता होना मेरे लिए गर्व की बात है।”
भाजपा के साथ एनडीए की जिम्मेदारी भी
पीएम मोदी ने कहा कि नितिन नवीन को संगठन की बागडोर संभालने के साथ-साथ एनडीए के घटक दलों के बीच संतुलन और समन्वय भी स्थापित करना होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि नितिन नवीन ने अब तक अपने कार्य और नेतृत्व क्षमता से खुद को साबित किया है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले 25 वर्ष भारत के लिए निर्णायक होंगे, जिनमें विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जाना है।
संगठन पर्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सराहना
प्रधानमंत्री ने भाजपा में चले संगठन पर्व को लोकतांत्रिक मूल्यों का सशक्त उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी संविधान की भावना के अनुरूप, जमीनी स्तर से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक चयन की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई। उन्होंने देशभर के कार्यकर्ताओं को इस ऐतिहासिक प्रक्रिया के लिए बधाई दी।
प्रेरणाओं से मजबूत होता नेतृत्व
पीएम मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती, अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी प्रेरणाएं राष्ट्रसेवा के संकल्प को और सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने भाजपा के सभी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का सम्मान करते हुए संगठन के निरंतर विस्तार पर जोर दिया।
जेपी नड्डा ने बताया ऐतिहासिक क्षण
पूर्व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नितिन नवीन को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पार्टी के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने नितिन नवीन को युवा, ऊर्जावान और अनुभवी नेता बताते हुए कहा कि कम उम्र में पांच बार विधायक रहना, बिहार सरकार में मंत्री के रूप में कार्य करना और राष्ट्रीय युवा मोर्चा के महासचिव के तौर पर पूरे देश का अनुभव हासिल करना उनकी संगठनात्मक क्षमता को दर्शाता है। सिक्किम और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में प्रभारी रहते हुए उनका योगदान भी उल्लेखनीय रहा है।
