बांग्लादेश की राजनीति में नया अध्याय जुड़ गया है। आम चुनाव में Bangladesh Nationalist Party (बीएनपी) ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। पार्टी का नेतृत्व कर रहे Tarique Rahman को यह जनादेश जनता के स्पष्ट समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
बीएनपी की इस ऐतिहासिक जीत पर भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने तारिक रहमान को शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि यह परिणाम बांग्लादेश की जनता के लोकतांत्रिक विश्वास को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने दोहराया कि भारत एक प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में भारत-बांग्लादेश संबंधों को नई ऊंचाई देने का संकेत भी दिया। उन्होंने कहा कि वे साझा विकास, क्षेत्रीय स्थिरता और बहुआयामी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए नए नेतृत्व के साथ मिलकर काम करने को तत्पर हैं।
करीब डेढ़ साल तक चले राजनीतिक तनाव और सत्ता संघर्ष के बाद हुए इस चुनाव में बीएनपी ने स्पष्ट बढ़त बनाई। वहीं Jamaat-e-Islami के नेतृत्व वाले गठबंधन को अपेक्षाकृत कम सीटें मिलीं।
बांग्लादेश की संसद, जिसे जातीय संसद कहा जाता है, में कुल 300 सीटें हैं। इस बार 299 सीटों पर मतदान हुआ, जबकि एक सीट पर उम्मीदवार के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया। सरकार बनाने के लिए 150 सीटों का आंकड़ा आवश्यक होता है। इसके अतिरिक्त 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जिनका आवंटन दलों के प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है।
इस परिणाम पर भारत में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने बीएनपी की जीत को ऐतिहासिक बताते हुए तारिक रहमान को बधाई दी और लोकतांत्रिक मूल्यों की सराहना की।
विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव परिणाम न केवल बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति को नई दिशा देगा, बल्कि भारत-बांग्लादेश के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को भी नई गति प्रदान कर सकता है।

