छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के आर्थिक, शैक्षणिक और तकनीकी भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन निर्णयों का उद्देश्य नवा रायपुर को विकास का केंद्र बनाना और प्रदेश की आधारभूत संरचना को सशक्त करना है।
आबकारी नीति 2026-27 को मिली स्वीकृति
मंत्रिपरिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित नई आबकारी नीति को मंजूरी प्रदान की है। इसके साथ ही नीति के सुचारू क्रियान्वयन से संबंधित सभी आवश्यक कार्यवाहियों के लिए संबंधित विभाग को अधिकृत किया गया है, जिससे राजस्व प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।
नवा रायपुर में NMIMS की स्थापना को हरी झंडी
कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भूमि श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को 90 वर्षों की दीर्घकालिक लीज पर देने का निर्णय लिया है। इस भूमि पर नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान (NMIMS) का राष्ट्रीय स्तर का शैक्षणिक परिसर विकसित किया जाएगा।
1934 से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय SVKM देश की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थाओं में गिना जाता है। इसके 30 से अधिक संस्थानों में हर वर्ष एक लाख से ज्यादा विद्यार्थी अध्ययनरत रहते हैं। NIRF 2025 में 52वीं रैंक प्राप्त करने वाली इस संस्था की नवा रायपुर में स्थापना से प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच दोनों बढ़ेंगी।
स्टार्टअप और आईटी इकोसिस्टम को मिलेगा नया आधार
नवा रायपुर में चार अत्याधुनिक उद्यमिता केंद्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू को मंजूरी दी गई है। यह पहल राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योग के विस्तार और नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देगी।
एसटीपीआई, राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी विभाग के सहयोग से एआई, मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एग्री जैसे क्षेत्रों में अगले 3 से 5 वर्षों में 133 स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान करेगा। इसके साथ ही ईएसडीडी केंद्र के माध्यम से हर वर्ष 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्टअप और एमएसएमई को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वास्थ्य संस्थानों में जांच सेवाओं का सुदृढ़ीकरण
कैबिनेट ने राज्य के जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रयोगशालाओं के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक निर्णय लिए हैं। इससे जांच सुविधाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी और आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
