Chhattisgarh Governance: ई-ऑफिस में उत्कृष्ट कार्य को मिला सम्मान, बायोमेट्रिक हाजिरी पर सख्ती

छत्तीसगढ़ में डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा, ई-ऑफिस पर जोर

CG DARSHAN
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छत्तीसगढ़ शासन डिजिटल प्रशासन को नई गति देने की दिशा में लगातार कदम उठा रहा है। इसी क्रम में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां ई-ऑफिस प्रणाली का बेहतर और प्रभावी उपयोग करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य सचिव विकासशील ने चयनित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव ने प्रशासनिक अनुशासन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मंत्रालय सहित राज्य शासन के सभी कार्यालयों में निर्धारित समय पर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा। समय पर हाजिरी नहीं लगाने को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

समयबद्ध उपस्थिति पर सख्त रुख

मुख्य सचिव ने कहा कि समय पालन से ही प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ती है। बायोमेट्रिक प्रणाली को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम बताया गया।

ई-ऑफिस से ही होगा प्रशासनिक कार्य

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि राज्य शासन के सभी विभागों में फाइलों का निपटान केवल ई-ऑफिस के माध्यम से किया जाए। आगामी समय में अवकाश आवेदन, अचल संपत्ति विवरण और वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) को भी ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म से ही स्वीकार किया जाएगा।

मॉनिटरिंग, एसएमएस और प्रशिक्षण

मुख्य सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) को विभागवार ई-ऑफिस उपयोग का डेटा तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि कर्मचारियों को उनके कार्यों की स्थिति की जानकारी एसएमएस अलर्ट के जरिए दी जाए। ई-ऑफिस प्रणाली को और प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मान

सम्मान समारोह में ई-ऑफिस के माध्यम से फाइल कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही नियमित रूप से समय पर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने वाले मंत्रालयीन कर्मचारियों को भी प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए।

मुख्य सचिव ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली से शासकीय कामकाज में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। यदि सभी अधिकारी-कर्मचारी इसी तरह समर्पण और अनुशासन के साथ कार्य करें, तो छत्तीसगढ़ प्रशासन देशभर में डिजिटल गवर्नेंस का आदर्श मॉडल बन सकता है।

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