करीब दो दशक बाद Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है। पार्टी प्रमुख तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर नई पूर्णकालिक सरकार का गठन किया। 17 वर्षों तक देश से बाहर रहने के बाद अब वे बांग्लादेश की कार्यपालिका के सबसे शक्तिशाली पद पर हैं।
प्रधानमंत्री बनते ही कितनी बढ़ी ताकत?
बांग्लादेश की संसदीय व्यवस्था में राष्ट्रपति औपचारिक प्रमुख होते हैं, जबकि वास्तविक शासन की बागडोर प्रधानमंत्री के हाथ में रहती है।
1. कार्यकारी अधिकार
प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद का गठन करते हैं, विभागों का आवंटन करते हैं और किसी भी मंत्री को पद से हटा सकते हैं। प्रशासनिक ढांचे, खुफिया एजेंसियों और राष्ट्रीय प्रोटोकॉल पर अंतिम नियंत्रण पीएम कार्यालय के माध्यम से होता है।
2. विधायी भूमिका
संसद में सरकार की नीतियां और विधेयक प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पेश होते हैं। वे राष्ट्रपति को संसद भंग करने की सलाह भी दे सकते हैं, जिसे परंपरागत रूप से स्वीकार किया जाता है।
3. वित्तीय नियंत्रण
राष्ट्रीय बजट प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में तैयार होता है। बड़े विकास प्रोजेक्ट और आर्थिक नीतियों की दिशा तय करने में उनकी निर्णायक भूमिका रहती है।
4. राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति
आंतरिक सुरक्षा से लेकर कूटनीतिक फैसलों तक, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और कैबिनेट समन्वय में प्रधानमंत्री की केंद्रीय भूमिका होती है।
वेतन और विशेषाधिकार
प्रधानमंत्री (पारिश्रमिक और विशेषाधिकार) अधिनियम के तहत उन्हें वेतन और व्यापक सुविधाएं मिलती हैं:
आधिकारिक या निजी आवास का खर्च सरकार वहन करती है
बिजली, पानी, गैस और संचार सेवाएं नि:शुल्क
देश-विदेश में मुफ्त चिकित्सा सुविधा
आधिकारिक यात्रा और सुरक्षा खर्च सरकारी खजाने से
सरकारी कार्यक्रमों के आतिथ्य व्यय की प्रतिपूर्ति
कितनी है कुल संपत्ति?
चुनावी हलफनामे के अनुसार:
वार्षिक आय: लगभग 6.76 लाख टका (मुख्यतः निवेश से)
बैंक जमा: करीब 1.23 करोड़ टका
शेयर निवेश: लगभग 68.5 लाख टका
भूमि: बोगरा सहित अन्य क्षेत्रों में अचल संपत्ति
उनकी पत्नी जुबैदा रहमान की आय उनसे अधिक बताई गई है, जिनके नाम पर उल्लेखनीय बैंक बैलेंस और जमीन दर्ज है।
विवाद और कानूनी पहलू
पूर्व में उन पर अवैध आय और संपत्ति छिपाने के आरोप लगे थे। हालांकि हालिया न्यायिक फैसलों में उन्हें सभी मामलों से राहत मिल चुकी है। चुनावी खर्च और घोषित आय के अंतर को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों के बीच बहस जारी है।
भारत और पाकिस्तान से तुलना
भारत और पाकिस्तान की तरह बांग्लादेश में भी प्रधानमंत्री ही कार्यपालिका का वास्तविक प्रमुख होता है। वेतन और सुविधाएं प्रत्येक देश के अलग-अलग कानूनों और आर्थिक संरचना के अनुसार तय होती हैं, इसलिए सीधी तुलना जटिल मानी जाती है।

