भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य तनाव को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। ऑस्ट्रेलियाई एविएशन और रक्षा विश्लेषक Tom Cooper ने दावा किया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान की गई एक खास स्ट्राइक ने संघर्ष की दिशा बदल दी।
किराना हिल्स पर क्या हुआ था?
टॉम कूपर के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के Kirana Hills क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण सामरिक स्थल को निशाना बनाया। यह इलाका पाकिस्तान के परमाणु ढांचे से जुड़ा संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।
हालांकि भारतीय वायुसेना ने सार्वजनिक रूप से ऐसे किसी हमले से इनकार किया था, लेकिन कूपर का कहना है कि उपलब्ध वीडियो फुटेज, रडार गतिविधियों और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी इस कार्रवाई की ओर संकेत करती है।
हमले के पीछे बताई गई रणनीति
विश्लेषक का दावा है कि:
पहले पाकिस्तान के रडार सिस्टम को निष्क्रिय किया गया।
इसके बाद भूमिगत बंकरों और स्टोरेज एंट्री पॉइंट्स को निशाना बनाया गया।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मिसाइलों के कॉन्ट्रेल पहाड़ी क्षेत्र की दिशा में जाते दिखाई दिए।
कूपर का कहना है कि इस कार्रवाई ने पाकिस्तान की जवाबी क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया।
क्यों अहम है यह क्षेत्र?
Kirana Hills लंबे समय से सामरिक रूप से संवेदनशील माना जाता है। यहां मजबूत बंकर और भूमिगत सुरंगें होने की बात कही जाती है। नजदीक ही Sargodha स्थित है, जो पाकिस्तान वायुसेना का प्रमुख ठिकाना माना जाता है।
किन हथियारों के इस्तेमाल का दावा?
टॉम कूपर के मुताबिक, इस ऑपरेशन में अत्याधुनिक हथियारों का प्रयोग हुआ, जिनमें शामिल हैं:
BrahMos
SCALP
Rampage
(इन हथियारों के उपयोग का दावा विशेषज्ञ के विश्लेषण पर आधारित है।)
संघर्ष पर प्रभाव
कूपर का मानना है कि इस स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान का जवाबी अभियान प्रभावी नहीं रहा। भारत की एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली ने मिसाइल और ड्रोन हमलों को काफी हद तक रोक दिया। उनके अनुसार, किराना हिल्स पर की गई कार्रवाई पूरे संघर्ष का “निर्णायक मोड़” साबित हुई।
आधिकारिक इनकार पर उठे सवाल
विश्लेषक ने यह भी सवाल उठाया कि यदि संकेत इतने स्पष्ट थे, तो आधिकारिक पुष्टि क्यों नहीं की गई। हालांकि, इस पूरे मामले पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक स्थिति अलग रही है।

