छत्तीसगढ़ में सामाजिक एकता और आध्यात्मिक चेतना को नई ऊर्जा देते हुए “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” की शुरुआत हुई। विष्णु देव साय ने रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से श्रद्धालुओं के जत्थे को पवित्र गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जैतखाम की पूजा-अर्चना कर गुरु घासीदास का स्मरण किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश आज भी समाज में समानता और भाईचारे की मजबूत नींव रखता है।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से संवाद करते हुए विश्वास जताया कि यह पदयात्रा सामाजिक समरसता को और सुदृढ़ करेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार समाज के सर्वांगीण विकास और सामाजिक हितों को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव कल्याण और एकता का प्रतीक है। उन्होंने समाज को भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का संदेश दिया।
18 से 22 फरवरी 2026 तक चलने वाली इस पदयात्रा का समापन गिरौदपुरी धाम में आयोजित विशाल मेले के साथ होगा, जहां धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा है।

