पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम 1991 की संवैधानिक वैधता पर सुप्रीम कोर्ट अंतिम सुनवाई करेगा

पूजा स्थल अधिनियम 1991 पर सर्वोच्च न्यायालय की कार्यवाही

CG DARSHAN
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1991 के पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय ने अंतिम सुनवाई करने की सहमति प्रदान की है। पीठ ने संकेत दिया कि अन्य लंबित संवैधानिक मामलों के निस्तारण के पश्चात सुनवाई की तिथि निर्धारित की जाएगी।

याचिकाकर्ता पक्ष ने न्यायालय के समक्ष यह तथ्य रखा कि पूर्व में केंद्र सरकार को निर्धारित समयसीमा में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया था, किंतु हलफनामा अब तक प्रस्तुत नहीं हुआ है।

कार्यवाही के दौरान अजमेर दरगाह से संबंधित वाद में निचली अदालत को प्रभावी आदेश पारित करने से रोकने की मांग की गई। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उसके पूर्व आदेश देशभर की अदालतों पर बाध्यकारी हैं और यदि किसी आदेश में विरोधाभास पाया जाता है तो विधि अनुसार परीक्षण किया जाएगा।

12 दिसंबर 2024 को पारित निर्देशों के अनुसार, सभी अधीनस्थ अदालतों को धार्मिक स्थलों की पुनर्प्राप्ति अथवा स्वरूप परिवर्तन से संबंधित नए वाद स्वीकार न करने तथा लंबित मामलों में प्रभावी अंतरिम अथवा अंतिम आदेश पारित न करने का निर्देश दिया गया था।

उक्त अधिनियम 15 अगस्त 1947 की स्थिति के अनुरूप धार्मिक स्थलों के स्वरूप और स्वामित्व को यथावत बनाए रखने का प्रावधान करता है तथा इस संदर्भ में न्यायिक परीक्षण लंबित है।

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